Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, June 4
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Featured

    वृक्ष फल लुटाने के लिए झुक जाते हैं, फिर हम तो इंसान हैं तो इतना अहंकार क्यों?

    By November 4, 2018Updated:November 4, 2018 Featured No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    गूगल से साभार
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 580

    यदि जीवन की ऊंचाईयों को नापना है तो उपवन में खिले फूलों को देखना चाहिए, जो खिलता है दूसरों को सुख देने के लिए और स्वयं मुरझाने के लिए…! साधू की साधुता में ही प्रेम नहीं देखना चाहिए बल्कि दुष्ट की दुष्टता में भी प्रेम को निहारने की साधना करनी चाहिए। जब तक बंदा और खुदा के बीच खुदी का पर्दा है तब तक खुदा का दीदार नहीं होता। स्वार्थ के संपुट में बंद प्रेम महज प्रेमाभास है। प्रेम ऊपर चढे तो भक्ति है और नीचे गिरे आसक्ति। प्रेम रागात्मक है वासनात्मक नहीं। हमारा सारा प्रेम शुभ के लिए होना चाहिए।

    हमें व्यक्ति से प्रेम नही करना चाहिए, उसमें निहित आत्मा से प्रेम करना चाहिए … परमात्मा को धर्मालयों में बंद नही करना चाहिए उसे सर्वत्र प्रेम के रुप में खिलने देना चाहिए…प्रेम निश्चल होना चाहिए चाहे सांसारिक प्रेम हो या परमार्थिक प्रेम। प्रेम में प्रतिदान की तनिक भी गुंजाइश नहीं है। प्रेम-प्रेम के लिए होना चाहिए। यह भाव भी नही होना चाहिए कि हम प्रेम कर रहें हैं। प्रेम में केवल देना ही देना है, लेना कुछ भी नही …! अहंकार वह बाधक तत्व है, जो दैवी प्रेम को मनुष्य के अंदर उतरने ही नही देता। सूर्य प्रेमवश जीवनदायिनी किरणें विसर्जित करता है।

    मेघ भेद-भाव के बगैर सभी के खेतों मे बरसता है। नदी प्यास मिटाने को निरंतर बहती रहती है। वृक्ष फल लुटाने के लिए झुक जाते हैं। हवा जीवन देने के लिए बहती ही रहती है। इस प्रेम के बदले में वह हमसे कुछ नही चाहते परन्तु हम कृतध्नी लोग भ्रांत सुख की खोज में निर्ममता से इन सबका दोहन करते रहते हैं। इस संकट से बचने के लिए हमें अपने को सबके साथ प्रेम के बंधन में बंधकर चलना होगा अन्यथा हमारा ही अस्तित्व खतरे में पड़ जायेगा । यही दैवीय प्रेम का सार है ….!

    Keep Reading

    योगी का जन्मदिन “महिलाओं का सुरक्षा दिवस”

    आज हर कोई अवसाद से ग्रस्त और भय से व्याप्त क्यों?

    An Exemplar of Tolerance: The Unique Encounter Between Saint Dadu and the Daroga

    सहनशीलता की मिसाल: संत और दरोगा की अनोखी मुलाकात

    The True Essence of Devotion: A Scripturally Prescribed 'Bada Mangal' Bhandara at Shri Shakti Dham Ashram

    भक्ति का सच्चा स्वरूप: श्री शक्ति धाम आश्रम में शास्त्रोक्त ‘बड़ा मंगल’ भंडारा

    Lucknow: The Fifth 'Bada Mangal' Bhandara Begins Tomorrow—The 'City of Nawabs' to Resound with Chants of Bajrangbali and the Aroma of Rasgullas and Kulfis

    लखनऊ में कल से पांचवां बड़ा मंगल भंडारा: रसगुल्ला-कुल्फी की महक और बजरंगबली के जयकारों से गूंजेगी नवाबों की नगरी

    The Cruelty of Bureaucracy: A Citizen Driven to the Brink of Self-Immolation Over ₹52,900

    अफसरतंत्र की क्रूरता: ₹52,900 के लिए आत्मदाह की कगार पर एक नागरिक

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Trump’s ‘Fool’ Remark Goes Viral! Even Americans Who Oppose War Dubbed ‘Fools’

    ट्रंप भारी उलझन में: MAGA का भविष्य कौन संभालेगा, वेंस पर शक या रूबियो को मौका?

    June 3, 2026
    Sunil Gavaskar brought time to a standstill, as the heartbeats of 850 children became the rhythm of celebration.

    सुनील गावस्कर ने रोका समय, 850 बच्चों के दिलों की धड़कन बनी जश्न की लय‘

    June 3, 2026

    योगी का जन्मदिन “महिलाओं का सुरक्षा दिवस”

    June 3, 2026
    Mahakavi Bhushan's ancestral village to become a hub of the shared culture of UP and Maharashtra: DM

    उप्र व महाराष्ट्र की साझा संस्कृति का केंद्र बनेगा महाकवि भूषण का पैतृक गांव : डीएम

    June 3, 2026

    मध्य एशिया का नया वित्तीय केंद्र तमची एसएफआईटी ने अपना पहला व्यापार केंद्र खोला

    June 3, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading