डॉ दिलीप अग्निहोत्री
भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नेतृत्व और नीति के प्रति आत्मविश्वास की साफ झलक थी। इसके अलावा वह अपनी उपलब्धियों को भी मुद्दा बनाएगी, जिसमें खासतौर पर देश के तीस करोड़ से अधिक गरीब लोग सीधे लाभान्वित हुए है। नेतृत्व के मुद्दे पर इस समय भाजपा के मुकाबले में दूर दूर तक कोई नहीं है। उंसकी नीति में भी स्पष्टता है। जिसकी अभिव्यक्ति कार्यकारिणी में प्रस्तुत विभिन्न प्रस्तावों के माध्यम से हुई। दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों में आत्मविश्वास का अभाव है। यह तो माना है कि भाजपा मुकाबले के लिए महागठबन्धन बनाया जाएगा। लेकिन अभी तक इसका स्वरूप अनिश्चित है। इसमें कौन पार्टी दूसरे के प्रति ईमानदार रहेगी,इसकी भी गारंटी नहीं है। कांग्रेस एकमात्र राष्ट्रीय विपक्षी पार्टी है। लेकिन उसका नेतृत्व किसी भी पार्टी को स्वीकार नहीं है। अन्य सभी क्षेत्रीय पार्टी है। जिनका अपने अलावा किसी अन्य प्रदेश में कोई आधार नहीं है। नेतृत्व का मसला चुनाव बाद ही किया जाएगा। ऐसे में सभी घटक अपनी संख्या बढ़ाने के लिए दूसरे घटक साथी को नुकसान पहुंचाने में भी गुरेज नहीं करेंगे। वह जानते है कि चुनाव के बाद संख्या बल से ही हिस्सेदारी तय होगी। यह स्थिति भी भाजपा के अनुकूल है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उसने महागठबन्धन से मुकाबले का मंसूबा दिखाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां अजेय भारत, अटल भाजपा का नारा दिया। भाजपा सत्ता को सेवा करने का साधन मानती हैं।
लोकतंत्र में विपक्ष होना चाहिए लेकिन आज के नजारे से स्प्ष्ट है कि जो लोग सत्ता में विफल रहे, वे लोग विपक्ष में विफल साबित हो रहे है। सन्योग देखिये, मोदी के इस कथन के दो दिन बाद विपक्ष ने पेट्रोल की कीमत पर भारत बंद किया। जबकि मनमोहन सिंह की सरकार में भी पेट्रोल तिरासी रुपये प्रति लीटर हुआ था। लेकिन तब विपक्ष ने अराजकता नहीं फैलाई थी। अब विपक्ष कोई महत्वपूर्ण सवाल नहीं उठाता है। पिछले चार वर्षों में संसद से सड़क तक विपक्ष यही कर रहा है।

इसके लिए झूठ का सहारा लिया गया।जो लोग एक दूसरे को देख नहीं सकते, एक दूसरे के साथ चल नहीं सकते, आज महागठबन्धन की कवायद कर रहे है। यह भाजपा के बढ़ते प्रभाव का परिणाम है। भाजपा का मनोबल कार्यकारिणी में प्रस्तुत प्रस्तावों से भी परिलक्षित हुआ। इसमें दो हजार बाइस तक देश से जातिवाद, संप्रदायवाद, आतंकवाद और नक्सलवाद की समाप्ति के विश्वास व्यक्त किया गया। केंद्र सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है। भाजपा की नीति भी स्पष्ट है। राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के माध्यम से वह अवैध घुसपैठियों की पहचान कर रही है। विपक्ष की इस पर कोई नीति नहीं है।
भाजपा ने अवैध घुसपैठियों और शरणार्थियों की स्पष्ट परिभाषा का निर्धारण किया।अफगानिस्तानबांग्लादेश और पाकिस्तान के सिख, बौद्ध, हिंदू आदि शरणार्थी आते हैं तो उन्हें देश मे बसाया जाएगा। भाजपा ने न्यू-इंडिया का संकल्प लिया है। इसे पूरा किया जाएगा।
भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में यूपीए की विरासत भी बताई गई। चार वर्ष पहले एक कमजोर अपारदर्शी व अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी। मोदी सरकार ने इस नकारात्मक माहौल में बड़ा सुधार किया।
अर्थव्यवस्था अब तेजी से बढ़ रही है। जीडीपी में बढ़ोतरी हो रही है। भारत फ्रांस को पछाड़ कर विश्व की छठी अर्थव्यवस्था वाला देश बन चुका है। निकट भविष्य में वह ब्रिटेन को पछाड़ कर पांचवें नम्बर पर पहुंच जाएगा। जाहिर है कि नीति और नेतृत्व के मुद्दे पर भाजपा औरों से अपनी स्थिति को अलग बनाये हुए है। इसके अलावा उसे अपनी सरकार की उपलब्धियों पर भी बढ़त बनाने का विश्वास है।







