Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Monday, August 10
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    भारतीय राजनीति में फिर निकल आया जिन्ना का जिन्न!

    By May 6, 2018Updated:May 6, 2018 Current Issues No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    file photo
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 651

    मृत्युंजय दीक्षित

    आजादी के 70 साल बाद एक बार फिर भारतीय राजनीति में भारतीय राजनीति के महाखलनायक जिन्ना का जिन्न बोतल से बाहर आ गया है। जिन्ना के इस जिन्न का वहीं स्वरूप है जो आजादी से पहले और बंटवारे के समय था। बस अंतर यह है कि उस समय जिन्ना जिनका पूरा नाम मोहम्मद अली जिन्ना था जीवित तथा और उसने अपनी मौजमस्ती के लिये अंग्रेज शासकों के बहकावे में आकर दो दिलों के बीच बेहद गहरी और अंतहीन खाई को पैदा करते हुए 10 लाख हिंदुओं की लाशों पर चलते हुए भारत का विभाजन करा दिया था और अपनी जिदद के चलते एक कटटर मुस्लिम राष्ट्र पाकिस्तान का निर्माण करा दिया था। यही पाकिस्तान आज भी भारत व भारतीय सीमाओं के लिए एक बहुत बड़ा नासूर बन गया है । ऐसे मोहम्मद अली जिन्ना के लिये तमाम तथाकथित देशभक्त व धर्मनिरपेक्षतावादी अपने को बेहद लोकतांत्रिक मानने वाले दलों ने जिन्ना के पक्ष में अपनी राजनीति चमकाने के लिये अपना विकृत राजनैतिक धंधा शुरू कर दिया है।

    पूरा प्रकरण यह है कि अलीगढ़ स्थित मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रसंघ कार्यालय के यूनियन हाल में जिस जगह मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी हुयी है उसको हटाने के लिए अलीगढ़ से बीजेपी सांसद सतीश गौतम ने जिन्ना की तस्वीर को हटाने को लेकर एएमयू के कुलपति तारिक मंसूर को एक पत्र लिखा था उनका यह पत्र पूरे मीडिया जगत व सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना। शुरूआत में यह तो काफी हल्का विवाद लग रहा था लेकिन बाद में जब उप्र सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने एक बयान में जब जिन्ना को महापुरूष बता दिया और कांग्रेस की तरफ से एक बयान आ गया कि जब भगत सिंह का पाकिस्तान में सम्मान हो सकता है तब जिन्ना का भारत में भी सम्मान होना चाहिये। बस सारी बात यही से शुरू हो गयी। अभी जिन्ना पर इतने बड़े विवादोें के बीच एक बड़े कांग्रेसी नेता जो पीएम मोदी को नीच कहते है तथा कश्मीर घाटी के अलगाववादियों के पक्के दोस्त हैं मणिशंकर अय्यर वह भी एक बार फिर पाकिस्तान में ही जाकर जिन्ना की तारीफों के पुल बांधकर आये है। जिससे साफ पता चल रहा है कि एमयू का तस्वीर विवाद के पीछे भाजपा और संघ की साजिश नहीं अपितु इन तथाकथित देशद्रोहियों की एक घिनौनी साजिश है।

    आज जिन्ना के समर्थन में मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले सभी दल अपने वोटबैंक को पुख्ता करने के लिये अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की छात्र यूनियन के समर्थन में उतर आये हैं तथा सपा, बसपा, रालोद, कॉग्रेस व सभी वामपंथी आंग्रेजी मानसिकता के इतिहासकार एक बार फिर बीजेपी, संघ व हिंदू समाज को गाली देने व अपमानित करने के लिए सड़कों पर उतर पड़े है। आज जिन्ना के समर्थन में जेएनयू से लेकर जामिया मिलिया तक प्रदर्शन हो रहे हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने वाले दलों ने वोट के लालच में एक बार फिर विश्वविद्यालय के कैंपस में अपनी घृणित राजनीति शुरू कर दी है।

    पूरे प्रकरण में सपा के गोरखपुर के सांसद प्रवीण निषाद ने अपनी विकृत बौद्धिकता का निकृष्ट उदाहरण दिया और हिंदुओं का खून पी जाने वाले जिन्ना जैसे व्यक्ति की तुलना महात्मा गांधी और नेहरू जैसे व्यक्ति से कर डाली। बसपा के नेता ने तो जिन्ना के समर्थन में आकर गोली चलवाने तक की कसमें खा ली। इन सभी दलों व दूसरे छात्रसंघों के समर्थन के चलते अब यह देशद्रोही ताकतें जिन्ना की तस्वीर लगाने के पीछे यह तर्क देने लग गयी हैं कि मोहम्मद अली जिन्ना को 1938 में छात्र संघ की आजीवन सदस्यता प्रदान की गयी थी उस समय भारत और पाकिस्तान एक थे। एएमयू में इतिहास को संजो कर रखा जाता है। यह तो अच्छा हुआ कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य डा. दिनेश शर्मा सहित प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं व प्रवक्ताओं पर जिन्ना प्रकरण अपने बेहद कड़े रूख को स्पष्ट कर दिया। संघ की कार्यकारिणी के सदस्य व मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संस्थापक माननीय इंद्रेश जी ने जिन्ना को भारत विभाजन का देशद्रोही कहकर मामले को और गर्मा दिया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह देशभक्त थे और उनसे जिन्ना की तुलना नहीं हो सकती। जिन्ना ने जब देश का विभाजन कराया तो तीन करोड़ हिंदुओं के परिवार उजड़ गये। दस लाख से अधिक हिंदू मारे गये और लगभग तीन लाख हिंदू महिलाओं ने अपने शरीर की रक्षा करने के लिये अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। लाखों परिवार अभी भी उस त्रासदी को झेल रहे हैं।

    Image result for aligarh muslim university
    वास्तव में यह बात सही है कि जिस जिन्ना के कारण हिंदू और मुसलमानों के बीच गहरी खाई पैदा हो गयी तथा हिंदू समाज की एक पूरी पीढ़ी तबाह हो जाएं, उसके समर्थन में आज भी हजारों लोग सड़कों पर उतर आये तथा यहां तक कि विश्वविद्यालयों मे एक बार फिर हम लेकर रहेंगे आजादी , हम छीनकर लेंगे आजादी, हमको चाहिये भगवा आतंकवाद से आजादी जैसे नारे लगाये जाने लगें तो समझा जा सकता हैं कि देश के हालात कितने दयनीय हो चुकेे हैं। अलीगढ़ मुसिलम विश्वविद्यालय कैंपस में छात्रों के उग्र प्रदर्शन मेें बाहरी राजनेताओं का आना भी शुरू हो गया है। यहां पर पीएम मोदी औेर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खूब जमकर जहर उगला जा रहा है। भारी तनाव व फिजा में तैर रही तरह- तरह की अफवाहों के चलते कहीं कोई बड़ा घटना न घट जाये उसकी रोकथाम के लिये इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है।

    इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि सपा औेर बसपा जैसे तथाकथित मुस्लिम वोटबैंक पर पलने वाले दलों व उनके नेताओं ने जिस अधर्म का परिचय दिया है उसे अब जनता नहीं माफ करने वाली है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने एक बार पाकिस्तान में बड़ी गलती करी थी और वहां जाकर जिन्ना की मजार पर फूल चढ़ा दिये थे र और उन्हें इतिहस का सबसे बड़ा सेकुलर नेता बता दिया था उसके बाद उनका क्या हाल बीजेपी और संघ में हो रहा है पूरा देश जान रहा है। हालांकि वह अभी कुछ कारणों से सम्मान पा रहे हैं। लेकिन अब जिन्ना का महिमामंडन किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है चाहे वह तस्वीर लगाकर किया जा रहा हो, तस्वीर के समर्थन में जो लोग सड़कों पर उतरकर धरना, प्रदर्शन आदि कर रहे हैं वह सभी पूर्ण रूप से देशद्रोही व गद्दार है। जो दल इनके साथ खड़ेे हेैं वह सभी गददार हैं।

    देश के सभी केंद्रीय विश्वविद्यालय एक प्रकार से देशद्रोही गतिविधियों के अखाड़े बनते जा रहे हैं। आज से दो साल पहले इसी प्रकार जेएनयू में अफजल गुरू के नाम पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था और वहां पर हम लेकर रहेंगे आजादी, छीनकर रहेंगे आजादी मोदी देगा हमको आजादी जैसे नारे लगाये गये थे। उसके बाद इस प्रकार के आंदोलनोें की एक चेन चल पड़ी थी। आज वहीं चेन बेहद खतरनाक नये रूप में दिखलायी पड़ रही है। यह दुर्भाग्य है कि ऐसे तथाकथित तत्व जो देश का माहौल खराब कर रहे हैं उनके खिलाफ कोई बहुत बड़ा एक्शन नहीं लिया जा रहा है। जबकि आज देश में पूर्ण बहुमत की सरकार है औेर राष्ट्रपति रामनाथ कोंविद जैसा व्यक्तित्व कुलाधिपति है। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में किसी भी प्रकार की कार्यवाही का अधिकार राष्ट्रपति के पास ही निहित है।

    अलीगढ़ मुसिलम विश्वविद्यालय में साम्प्रदयिकता व देशद्रोह की चिनगारी काफी समय से चल रही थी। अभी कुछ समय पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम था जिसका यहां यह कहकर विरोध किया गया कि एएमयू में संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े किसी भी व्यक्ति को नहीं घुसने दिया जायेगा लेकिन मामला चूंकि राष्ट्रपति से सम्बंधित था इसलिए बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच कार्यक्रम संपन्न हुआ। वहीं अभी कुछ दिन पहले एक मुस्लिम स्वयंसेवक ने संघ की शाखा लगाने का अनुरोध विवि प्रशासन ने किया था जिस पर भी खूब राजनीति हुयी थी।
    चाहे जो हो आजादी के 70 साल बाद इस प्रकार से जिन्ना का जिन्न बबाहर आना और उसके नाम पर विकृत राजनीति होना बेहद खतरनाक संकेत है इसको यहीं पर रोकना होगा।

    Keep Reading

    Maa Khaira Bhavani had appeared in the form of a divine beam of light.

    ज्योति पुंज के रूप में प्रकट हुईं थीं माँ खैरा भवानी

    People grappling with the unending problem of adulteration.

    मिलावट की अंतहीन समस्या से झूझते लोग

    India's Golden Burst at the Commonwealth Games: Boxing Makes History, Neeraj Shines Again

    कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का स्वर्णिम धमाका: मुक्केबाजी ने रचा इतिहास, नीरज ने फिर कमाल दिखाया

    India's Glorious Performance: Historic 'Golden Double' and Silver in Judo; Lovpreet Wins Silver in Weightlifting

    भारत का गौरवमयी प्रदर्शन: जूडो में ऐतिहासिक ‘गोल्डन डबल’ और सिल्वर, वेटलिफ्टिंग में लवप्रीत का सिल्वर

    Dreams buried in the silence of hospitals

    अस्पतालों की खामोशी में दफन होते सपने

    Voyager's Discovery and the Cosmic Shivling

    वॉयेजर की खोज और ब्रह्मांडीय शिवलिंग

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    The Tricolour is a symbol of development, heritage, and India's pride and glory: CM Yogi.

    तिरंगा विकास, विरासत और भारत की आन-बान-शान का प्रतीकः सीएम योगी

    August 10, 2026
    'Take 5 lakhs, just save my brother...' Kanwariya swept away by the Ganga's strong current; brother stood on the bank, pleading desperately.

    ‘5 लाख ले लो, बस मेरे भाई को बचा लो…’ गंगा की तेज धार में बह गया कांवड़िया, किनारे खड़ा भाई गिड़गिड़ाता रहा

    August 10, 2026
    Haryana’s Sakshi Chaudhary shines with Virat Kohli’s support; lands a 'golden punch' at the Commonwealth Games.

    विराट कोहली की मदद से चमक उठी हरियाणा की बेटी साक्षी चौधरी, कॉमनवेल्थ में मारा गोल्डन पंच

    August 9, 2026
    Deputy Chief Minister joins youth in 'Tiranga Yatra' in Lucknow; calls for hoisting the Tricolour at every home.

    तिरंगा हमारी आन-बान-शान का प्रतीक, हर घर तिरंगा बना राष्ट्रप्रेम का जनआंदोलन: केशव प्रसाद मौर्य

    August 9, 2026

    चित्रकूट की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत, दो एक्सप्रेस ट्रेनों का विलय

    August 8, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading