Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, October 28
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता और विकास का सेतु 

    By December 28, 2018 Current Issues No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 633
    डॉ दिलीप अग्निहोत्री
    दशकों से लंबित अनेक योजनाओं को नरेंद्र मोदी ने अपने एक कार्यकाल में ही अंजाम तक पहुचाया है। इस फेहरिस्त में एक नया नाम जुड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने भारत के सबसे बड़े रेल व सड़क सेतु राष्ट्र को समर्पित किया। यह परियोजना दो दशक से लंबित थी। यूपीए सरकार को एकमुश्त दो कार्यकाल मिले थे। वह चाहती तो ऐसी अनेक परियोजनाओं को परवान चढ़ा सकती थी।
    कई तो ऐसी थी जिन पर कांग्रेस नेतृत्व की सरकारें एक हद तक बेपरवाह थी। अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कहते है कि वह प्रधानमंत्री को सोने नहीं देंगे। यदि मनमोहन सिंह सरकार में वह इतना जोश दिखाते तो अनेक योजनाएं समय से पूरी हो जाती। देश के हजारों करोड़ रुपये की बचत होती। आमजन और राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर होने वाले अमूल्य लाभ अलग थे। देरी के कारण इसकी लागत में पच्चासी प्रतिशत  की बढ़ोत्तरी हो गई थी । सेतु की लंबाई भी बढाई गई थी। यूपीए सरकार ने इसका रणनीतिक महत्व अपने पहले कार्यकाल में ही स्वीकार कर लिया था। लेकिन दूसरे कार्यकाल तक पर्याप्त कार्य नहीं हो सका।
    यह ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी किनारे पर रहने वाले लोगों को होने वाली असुविधाओं को काफी हद तक कम कर देगा।  इसके निर्माण में रक्षा जरूरतों का भी पूरा ध्यान रखा गया। चीन अपनी सीमा पर ढांचागत सुविधाओं का विस्तार कर रहा था। ऐसे में भारत को भी तैयारी करने की आवश्यकता थी। लेकिन मनमोहन सिंह की सरकार की कार्यशैली में ऐसी तेजी कभी नहीं रही। नरेंद्र मोदी ने चीन की चुनौती को अनेक प्रकार से स्वीकार किया है। उसके अनुरूप अपनी तैयारियों को तेज किया। योजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा किया।
    यह सेतु रक्षा बलों और उनके उपकरणों के तेजी से आवागमन की सुविधा प्रदान करके पूर्वी क्षेत्र की राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाएगा। इसका निर्माण इस तरह से किया गया था कि आपात स्थिति में एक लड़ाकू विमान भी इस पर उतर सके। चीन के साथ भारत की करीब चार हजार किलोमीटर लंबी सीमा पचहत्तर प्रतिशत हिस्सा अरुणाचल प्रदेश में है। यह पुल भारतीय सेना के लिए सीमा तक आवागमन में बहुत सहायक होगा।
    नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर के विकास और शेष भारत से उसके सम्पर्क को बढ़ाने का अभियान चलाया। सड़क ,सेतु, हवाई सेवा,रेल आदि से संबंधित परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई। अब असम और अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर और दक्षिण तट के बीच संपर्क आसान हो जायेगा। इससे अरुणाचल प्रदेश के अंजाव, चंगलांग, लोहित, निचली दिबांग घाटी, दिबांग घाटी और तिरप के दूरस्थ इलाके लाभान्वित होंगे। यह सेतु सुरक्षा बलों और उनके उपकरणों के तेजी से आवागमन की सुविधा प्रदान करके पूर्वी क्षेत्र की राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।
    आपात स्थिति में एक लड़ाकू विमान भी इस पर उतर सके। यह  देश का सबसे लंबा और एशिया का दूसरा सबसे लंबा रेल सड़क सेतु है। बोगीबील सेतु असम के धीमाजी जिले को डिब्रूगढ़ से जोड़ता है। इसके बन जाने से अरुणाचल प्रदेश से चीन की सीमा तक सड़क एवं रेल से पहुंचना एवं रसद भेजना आसान हो जाएगा। उन्नीस सौ सत्तानबे में इसके महत्व को सरकार ने स्वीकार किया था। उस समय देवगौड़ा प्रधानमंत्री थे। अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद इस पर ध्यान दिया। उन्होंने तकनीकी और प्राकृतिक कठिनाइयों को दूर करने की दिशा में कार्य प्रारंभ कराया। लेकिन दो हजार चार में उनकी सरकार गिर गई।
    नरेंद्र मोदी ने ठीक कहा कि अटल जी को दुबारा सरकार बनाने का अवसर मिलता तो यह पुल दो हजार आठ तक बन कर तैयार हो जाता।  ब्रह्मपुत्र के दक्षिणी और उत्तरी की रेलवे लाइनें आपस में जुड़  गई है। ब्रह्मपुत्र के दक्षिणी किनारे पर मौजूद धमाल गांव और तंगनी रेलवे स्टेशन भी तैयार हो चुके हैं। डिब्रूगढ़ और अरुणाचल प्रदेश  की दूरी सौ किलोमीटर सौ ,और ईटानगर के लिए रोड की दूरी डेढ़ सौ  किमी कम हुई है । इस सेतु के साथ कई संपर्क सड़कों तथा लिंक लाइनों का निर्माण भी किया गया है। इनमें ब्रह्मापुत्र के उत्तरी तट पर ट्रांस अरुणाचल हाईवे तथा मुख्य नदी और इसकी सहायक नदियों जैसे दिबांग, लोहित, सुबनसिरी और कामेंग पर नई सड़कों तथा रेल लिंक का निर्माण भी शामिल है।
    दिल्ली से डिब्रूगढ़ की रेल से दूरी तीन घंटे कम हो जाएगी। असम से कोयला, उर्वरक आदि की रेल से सप्लाई उत्तर व शेष भारत को होती है। पंजाब, हरियाणा से यहां अनाज आता है। इस पुल के बनने से परिवहन में बहुत बचत होगी। व्यापार की यह सुगमता लोगों के बीच संवाद भी बढ़ाएगी।
    उत्तर पूर्वी सीमा पर तैनात सेना को सामरिक और सैनिकों के अन्य उपयोग की वस्तुएं पहुंचाना सुगम हो गया है। अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर चीन की गतिविधियों पर नजर रखना और रक्षा सुनिश्चित करना संभंव हो सकेगा।। सेना के भारी टैंक इस पर आसानी से जा सकते हैं।
    मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर विकास की अनेक योजनाएं लागू की है। प्रदेशों में भाजपा सरकार बनने से कार्यो  में गति आ गई है।
    पूर्वोत्तर में सड़कों के निर्माण की करीब दो सौ परियोजनाएं ,रेलवे की बीस परियोजनाएं चल रही हैं।  तेरह नई रेल लाइनें बिछाने का कार्य प्रगति पर है।  पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की राजधानियों को रेल मार्ग से जोड़ा जा रहा है। अभी सिर्फ तीन राज्यों की राजधानियां ही रेल लाइन से जुड़ी हुई हैं। जाहिर है कि एक पुल का ही पूर्वोत्तर में उद्घाटन नहीं हुआ है। बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता अखंडता के विचार की प्रतिष्ठा प्रतीक है।

    Keep Reading

    नीले ड्रम’ हत्याकांड पर आया फैसला : जैसी करनी, वैसी भरनी

    अकीदा बनाम अंधविश्वास: पक्के विश्वास और भटकती भीड़ की दास्तान

    नालसा का एलएडीसी सिस्टम खत्म करने का फैसला: क्या गरीब कैदियों से छिन जाएगा न्याय का सहारा?

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Anuradha Paudwal: Reached great heights, yet also endured the pain of profound loneliness.

    अनुराधा पौडवाल : बुलंदियों को भी छुआ और गहरे अकेलेपन का दर्द भी झेला

    October 28, 2026

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    October 28, 2026
    Neeru Sharma Explores Parenting, Social Conditioning and Unspoken Wounds as the Trailer of Sonali Kulkarni’s ‘Like Maa’ Is Released

    माँ की परवरिश में छिपे बचपन के जख्मों की कहानी कहेगी ‘लाइक माँ’

    October 28, 2026
    U&i launches new gadgets: now listen to music and make calls for up to 50 hours—all through your glasses.

    U&i के नए गैजेट्स लॉन्च, अब चश्मे से सुनें म्यूजिक और 50 घंटे तक करें कॉलिंग

    October 28, 2026
    From Ravana on Screen to a Power Player Behind the Scenes! Yash Makes a Big Move in ‘Ramayana’ Distribution

    पर्दे पर रावण, पर्दे के पीछे पावरफुल खिलाड़ी ! ‘रामायण’ के डिस्ट्रीब्यूशन में यश की बड़ी एंट्री

    October 27, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading