लखनऊ,23 अक्टूबर 2019: विद्यान्त हिन्दू पी जी कालेज के वाणिज्य संकाय में भारतीय अर्थव्यवस्था मुद्दे और चुनौतियाँ‘ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसका उद्घाटन लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मनोज अग्रवाल ने किया। उन्होंने कहा कि एक बड़ी अर्थव्यवस्था में चढ़ाव उतार आने के स्वाभाविक हैं। कृषि, ढांचागत निर्माण और आई.टी. आदि क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हीं क्षेत्रों की समृद्धि से बेरोजगारी भी दूर होगी और अर्थव्यवस्था भी समृद्ध होगी। संसाधनों के दुरूपयोग और प्राथमिकताओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
महाविद्यालय के प्रबन्धक शिवाशीष घोष ने कहा कि इस संगोष्ठी के सन्देश से वाणिज्य व्यवस्था को लाभ होगा। प्राचार्य प्रो धर्म कौर ने कहा कि अर्थव्यवस्था देशकी धुरी है, उसे वांछित ऊँचाई पर पहुँचाने में युवा पीढ़ी का रचनात्मक योगदान होता है। वाणिज्य संकाय के अध्यक्ष डॉ राजीव शुक्ल ने कहा कि विद्यार्थी अपने को इतना नवाचारी बनाएँ कि देश की अर्थव्यवस्था को समृद्ध करने में अपना योगदान दे सकें।

डॉ दीप किशोर ने विषय-प्रवर्तन करते हुए कहा- सबसे ज्यादा जरूरत इस बात की है कि आर्थिक सुधारों पर जितना ध्यान दिया जाए उतना ही बड़े विनिवेष के लिए अनुकूल जरूरतों पर ध्यान देना। संगोष्ठी में चालीस विद्यर्थियो शोध पत्र पर आधारित विचार व्यक्त किये। निर्णायक मंडल में डॉ मुकेश श्रीवास्तव, डॉ शतदल मित्रा, व डॉ वीवी अग्रवाल शामिल थे।
डॉ राकेश कुमार मिश्र, डॉ हनीफ, डॉ समीर तिवारी, डॉ शशिकांत त्रिपाठी,डॉ राजू कश्यप, डॉ कौटिल्य, डॉ दिनेश मौर्य, डॉ शांतनु,डॉ गीतेष, डॉ अभिषेक वर्मा, डॉ बृजेश कुमार, डॉ विजय यादव,डॉ बिजेंद्र पांडेय, डॉ सुरभि शुक्ला, डॉ मनीष श्रीवास्तव, डॉ आलोक वर्धन, डॉ ममता भटनागर, डॉ अमित वर्धन डॉ ध्रुव कुमार त्रिपाठी,डॉ आलोक भरद्वाज, डॉ उषा,डॉ श्रवण गुप्ता,आदि बहुत से आचार्य और विद्यार्थी उपस्थित थे। संचालन डॉ प्रियंका अवस्थी ने किया। शोध पत्र भाषण पर विद्यर्थियो को पुरष्कार दिया गया। ऋचा को प्रथम, प्रणव को द्वितीय व शुष्मीता को तृतीय पुरष्कार मिला।






