बच्चों के गांधी भजनों से गूंजा राजभवन

0
554

देश के अन्य हिस्सों की भांति उत्तर प्रदेश में भी महात्मा गांधी की एक सौ पचासवीं जयंती के उत्साहपूर्ण माहौल रहा। विशेषता यह थी कि इस बार स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता दिखाई दी। इसी के साथ पॉलीथिन से मुक्ति अभियान भी तेज हुआ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी की और लाल बहादुर शास्त्री की जयन्ती के अवसर पर लखनऊ में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के साथ आज का दिन प्रारंभ हुआ।
इसके बाद गांधी आश्रम में गांधी जी एवं शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री भवन एनेक्सी में भी शास्त्री जी की प्रतिमा पर श्रद्धांसुमन अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने गांधी आश्रम में चरखा भी चलाया।

गांधी आश्रम समारोह में राज्यपाल ने कहा कि गाँधी जी और शास्त्री जी हमारे देश की ऐसी महान विभूतियाँ है। जिन्होंने देश हित के लिये जीवन पर्यन्त संघर्ष किया। गाँधी जी केवल हमारे राष्ट्र के ही नहीं, बल्कि पूरे संसार की महान विभूति हैं, जिन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर बड़े साहस और संयम से स्वतंत्रता आन्दोलन का नेतृत्व किया। देश को स्वाधीन कराया। बापू आज विश्व चिन्तन का विषय हैं।

उन्होंने विश्वशांति का मार्ग दिखाया। गाँधी जी का मानना था कि जिस देश या समाज के पास चिन्तन और चेतना नहीं है, वह ज्ञान और सेवा का देश या समाज नहीं बन सकता। उन्होंने त्याग, समाज सेवा और राष्ट्र सेवा का ऐसा आदर्श प्रस्तुत किया।जिसके फलस्वरूप देशवासियों ने गाँधी जी को संत मान लिया। महात्मा गाँधी के ग्राम स्वराज्य की संकल्पना में खादी और ग्रामोद्योग को सबसे ज्यादा बढ़ावा दिया गया। वह महिला सशक्तिकरण के हिमायती थे। उनके प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड पराई जाणे रे,में मानवता का सन्देश समाहित है।

आनंदी बेन पटेल ने इन समारोह में बच्चों की सहभागिता में भी रुचि दिखाई। राजभवन के गांधी सभागार में बच्चों का कार्यक्रम आयोजित कराया। यहां बच्चों ने गांधी जी के प्रिय भजनों रघुपति राघव राजा राम वैष्णव जन तो तेने कहिये तथा दे दी हमें आजादी ए बापू की लाठी बन्दे में था दम तथा गांधी सिद्धांत पर आधारित नृत्य एवं मनमोहक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।

  • डॉ दिलीप अग्निहोत्री

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here