Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Sunday, August 23
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»इंडिया

    बेहद खतरनाक गेम है ‘ब्लू व्हेल’, जो खेलेगा, जरूर मरेगा!

    By August 2, 2017Updated:August 3, 2017 इंडिया No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 797

     Warning:  दूर रखें अपने बच्चों को इससे...

    Image result for blue whale game

    ब्लू व्हेल नाम का ऑनलाइन गेम अब भारत में भी खूनी खेल खेलने आ चुका है. इस गेम का ताजा शिकार मुंबई का 14 साल का बच्चा किशोर मनप्रीत है. मनप्रीत ने गेम के चैलेंज को पूरा करने के लिए 7वीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली. यही नहीं यह गेम दुनिया में अब तक 200 से ज्यादा लोगो कि मौत का कारण बन चुका है।

    बेहद खतरनाक है गेम ब्लू व्हेल:

    ब्लू व्हेल नाम का ऑनलाइन किलर गेम अब भारत में भी आ चुका है ‘ब्लू व्हेल गेम’ या ‘द ब्लू व्हेल चैलेंज’ नाम का गेम रूस के फिलिप बुडेकिन नाम के शख्स ने 2013 में बनाया था. इस खेल में एक एडमिन होता है, जो खेलने वाले को अगले 50 दिन तक बताते रहता है कि उसे आगे क्या करना है. खेल के आखिरी दिन खेलने वाले को खुदकुशी करनी होती है और उससे पहले एक सेल्फी लेकर अपलोड करनी होती है।

    कैसे होते हैं इस गेम के टास्क?

    गेम खेलने वाले को हर दिन एक कोड नंबर दिया जाता है, जो हॉरर से जुड़ा होता है. शुरू में हॉरर फिल्म देखने जैसे आसान टास्क दिए जाते हैं. इसके बाद हाथ पर ब्लेड से F57 लिखकर इसकी फोटो अपलोड करने के लिए कहा जाता है. इस गेम का एडमिन स्काइप के जरिए गेम खेलने वाले से बात करता रहता है।

    क्या गेम को बीच में छोड़ सकते हैं?

    अगर एक बार गेम खेलना शुरू कर दिया, तो वह इसे बीच में नहीं छोड़ सकता. यदि गेम को बीच में छोड़ दिया तो एडमिन आपका फोन हैक कर लेगा और फोन की सारी डिटेल हैक एडमिन के पास चली जाएगी. अगर कोई बीच में गेम छोड़ना चाहे, तो एडमिन की तरफ से धमकी मिलती रहती है कि उसे या फिर उसके माता-पिता को जान से मार दिया जाएगा।

    क्यों बनाया गया ये जानलेवा गेम?

    2016 में इस गेम के डेवलपर फिलिप वुडकिन को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था. उस वक्त 15 बच्चों ने आत्म हत्या की थी. वुडकिन से पुलिस पूछताछ में पता चला कि वह साइकोलॉजी का स्टूडेंट है. वुडकिन ने पुलिस को बताया कि उसका मकसद समाज की सफाई करना है. वुडकिन के मुताबिक जो अपने जीवन का मूल्य नहीं समझते वो समाज के लिए कचरा हैं और उनकी सफाई करना जरूरी है।

    बच्चों तक कैसे पहुंचता है ये गेम?

    दुनिया के कई देशों में पहुंचने वाला यह गेम सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचता है. इसे वीकॉनटेकटे नाम की सोशल साइट पर बनाया गया है. ये रूस की सबसे लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग साइट है`. गेम की तलाश में जब कोई इस वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाता है तो उसे ब्लू व्हेल सर्च करने पर सैकड़ों तस्वीरें, मैसेज और ग्रुप सामने आ जाते हैं।

    क्या होता है ग्रुप में?

    ये ग्रुप डिप्रेस करने वाले संदेशों से भरे होते हैं. जिनमें भूत के स्केच, खून बहने की तस्वीरें हाथ की नस काटने और खुद को घायल करने की तस्वीरे मिलती हैं।

    क्या है इस गेम के लक्षण:

    मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक इस गेम के एडिक्ट ज्यादातर लोग डिप्रेशन के शिकार होते हैं. ऐसे में यदि आपके घर का कोई मेंबर डिप्रेशन का शिकार है तो उसे सोशल मीडिया से दूर रखें।

    कैसे बचाएं बच्चों को इस गेम से?

    इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में बच्चों में वर्चुअल वर्ल्ड का एडिक्शन होता है। ऐसे में घरवाले बच्चों पर नजर रखें और उनकी इंटरनेट हैबिट पर खास ध्यान दें, इसके अलावा बच्चों को घर में इस तरह का माहौल दें कि वह मां-बाप से कोई बात छिपाए नहीं।

    #blue whale game

    Keep Reading

    Ritual bathing of the deity at Lakshman Tila with Ganga water from Bithoor; organization remains steadfast despite police restrictions.

    लक्ष्मण टीला पर बिठूर के गंगाजल से जलाभिषेक, पुलिस रोक के बावजूद संगठन अडिग

    Slapped for not doing homework, 6-year-old child dies in the classroom.

    होमवर्क न करने पर थप्पड़, कक्षा में ही 6 साल के बच्चे की मौत

    Insistence on a mobile phone leads to family tragedy; three die after falling from a hill in Chhatrapati Sambhajinagar.

    मोबाइल की जिद में उजड़ा पूरा परिवार, छत्रपति संभाजीनगर की पहाड़ी से गिरकर तीन मौतें

    A spine-chilling, mysterious incident on the stairs in Ghaziabad: A person riding a cat or a black buffalo?

    गाजियाबाद में सीढ़ियों पर रोंगटे खड़े कर देने वाली रहस्यमयी घटना: बिल्ली या काले भैंसे पर सवार व्यक्ति?

    सिद्धांतों की बलिवेदी में सत्ता का बलिदान देने वाला जननायक

    हरियाली तीज पर महिलाओं ने मनाया रंगारंग उत्सव

    Comments are closed.

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    rampant sale of adulterated sweets in the market.

    त्योहार नजदीक, बाजार में नकली मिठाई का खुला खेल

    August 22, 2026
    Ritual bathing of the deity at Lakshman Tila with Ganga water from Bithoor; organization remains steadfast despite police restrictions.

    लक्ष्मण टीला पर बिठूर के गंगाजल से जलाभिषेक, पुलिस रोक के बावजूद संगठन अडिग

    August 22, 2026

    कोरिया इंडस्ट्री एक्सपो (KoINDEX) 2026 का 27 अगस्त को यशोभूमि में होगा शुभारंभ

    August 22, 2026

    गलगोटियास विश्वविद्यालय ने Microsoft के सहयोग और byteXL द्वारा संचालित उद्योग-एकीकृत AI एवं ML डिग्री का शुभारंभ किया

    August 22, 2026
    Ayushmann Khurrana's visit to Jalna A message of child safety and a secure childhood.

    आयुष्मान खुराना की जालना यात्रा : बच्चों की सुरक्षा और सुरक्षित बचपन का संदेश

    August 21, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading