दो बार निकला मौत के मुंह से, दोनों घटनाओं ने किया सोचने पर मजबूर
सालाना टर्नओवर 100 करोड़ रुपए है मोक्षेश के पिता का कारोबार
नई दिल्ली, 20 मार्च। 24 साल की उम्र और मोक्ष की चाहत, बात कुछ अजीब है पर यह सच है। बात हम महाराष़्ट्र के युवा मोक्षेश शाह की कर रहे हैं। मोक्षेश शाह सीए हैं। वह अपने पिता का 100 करोड़ का बिजनेस छोड़कर जैन भिक्षु बनने जा रहे हैं। खबरों के अनुसार मोक्षेश 19 अप्रैल को दीक्षा ग्रहण करेंगे। उसके बाद मोक्षेश के भिक्षु जीवन की शुरुआत होगी।
अहमदाबाद के नजदीक अमियापुर में स्थित तपोबल संस्कारपीठ में मोक्षेश को रत्न मुनिराज जिनप्रेमविजय जी महाराज दीक्षा प्रदान करेंगे।
गौरतलब है कि वर्तमान में महाराष्ट्र के कोल्हापुर में रहने वाला मोक्षेश का परिवार मूल रूप से गुजरात से है। मोक्षेश के पिता के कारोबार का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ रुपए है, लेकिन मोक्षेश ने सब कुछ छोड़ने की ठान ली है। मोक्षेश का कहना है कि जीवन में धन ही सब कुछ नहीं है मोक्षेश सभी पैसे वाले खुश नहीं होते। कहा कि आंतरिक खुशी कुछ पाने में नहीं, बल्कि कुछ देने में है।
पुण्य की बैलेंस शीट बढ़ानी है:
मोक्षेश के अनुसार सीए बनने के बाद उन्होंने दो साल बिजनेस किया, लेकिन उन्हें अहसास हुआ कि अपनी बैलेंस शीट बढ़ाने के बजाय, पुण्य की बैलेंस शीट बढ़ानी चाहिए। इसी सेाच की वजह से मोक्षेश शाह ने दीक्षा लेकर जैन भिक्षु बनने का फैसला कर लिया। माता-पिता को लेकर मोक्षेश ने कहा कि वे पिछले साल ही दीक्षा लेना चाहते थे, लेकिन उनके माता-पिता ने इजाजत नहीं दी। बाद में माता-पिता मान गये, तो फिर उन्होंने जैन भिक्षु बनने का फैसला ले लिया।
मोक्षेश ने बताया कि वह दो बार मौत के मुंह से निकल चुके हैं। एक बार जावेरी ब्लास्ट के समय और दूसरा पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के दौरान। मोक्षेश ने हादसों के संबंध में कहा कि दोनों घटनाओं ने उन्हें सोचने को विवश कर दिया. कहा कि नयी जिंदगी मिलने पर वह पुण्य के कामों में समय बिताना चाहते हैं। भिक्षु बनने केा लेकर मोक्षेश ने युवाओं से कहा कि मोक्ष पाना परम आनंददायक बात है। हमें अपना जीवन दूसरों की मदद करने में लगाना चाहिए।







