मशरूम: आपके इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने के साथ ही आय का भी बन सकता है अच्छा जरिया

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  • विटामिन बी व सी के साथ ही प्रोटीन की मात्रा होती है भरपुर
  • सूप, अचार, पाउडर बनाकर बाजार में आय का अच्छा साधन, बड़े चाव से खरीदते हैं लोग

इस महामारी के दौरान हर व्यक्ति अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इसके साथ ही बेरोजगारी के दंश के कारण लोग अपने घरों में कुछ ऐसा करना चाहते हैं, जिससे उनकी काम भर की आय, घर में रहकर ही हो जाय। ऐसे में मशरूम बहुत काम की चीज है। इससे बनाये गये विभिन्न उत्पाद से आपकी आय तो बढ़ेगी ही, इसके सेवन से कोरोना से लड़ने के लिए आपमें ताकत भी आएगी।

कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, कापर, आयरन के साथ ही विटामिन काम्प्लेक्स व विटामिन सी से भरपुर मशरूम के आप अचार, सूप, पाउडर के साथ ही विभिन्न विधि से सब्जी भी बना सकते हैं।

ऐसे बनायें रेसिपी:

इस संबंध में गृह विज्ञान की वैज्ञानिक डाक्टर साधना वैश का कहना है कि इस कार्य में किसान गृहिणियों को पर्याप्त आय हो सकता है। उन्होंने इसके अचार के संबंध में बताया कि मशरूम के अचार के लिए एक किग्राम मशरूम, 25 ग्राम लहसुन, पचास ग्राम प्याज, 20-20 ग्राम सौंफ, मेथी, पिसी लाल मिर्च, 10-10 ग्राम राई, मगरैल, हल्दी के साथ ही दो सौ ग्राम सरसो का तेल ले लें।

सर्व प्रथम मशरूम को धोने के बाद आधे इंच का टुकड़ा काट लें। इसके बाद मिक्सी में लहसुन, प्याज, अदरक को पीसकर सरसो के तेल में मसाले को भुन लें। मसाला पकने के बाद मशरूम को भी डालकर पांच मिनट तक पकाएंगे। इसके बाद एसिटिक एसिड डाल देंगे और अचार तैयार हो गया। यह अचार बहुत दिनों तक उपयोग किया जा सकता है।

डाक्टर साधना वैश ने इन्सटेंट सूप बनाने के बारे में बताया कि इसके लिए 100 ग्राम गाजर, शिमला मिर्च 50 ग्राम, हरी मटर के दाने पचास ग्राम, जौ का आटा पचास ग्राम के साथ ही मशरूम पाउडर पचास ग्राम ले लें। सभी सब्जियों को साफ कर छोटा-छोटा काटने के बाद उन्हें गर्म पानी में डालकर उबाल देंगे और धूप में सूखा कर मशरूम आदि को मिक्स कर लेंगे। इसके बाद एयर टाइट डिब्बे में भर लेंगे। यह स्वाद के साथ ही पोषक तत्वों से भरपुर होता है।

डाक्टर साधना वैश ने बताया कि मशरूम को विभिन्न रूपों में प्रयोग किया जा सकता है। इसका स्लाइड काटकर धूप में सूखा देंगे। सूखने के बाद इसको मिक्सी में पीसकर पाउडर बना सकते हैं। यह साल भर प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इसके उत्पाद को बनाने के लिए कई जगह महिलाओं ने काम शुरू किया, जिन्हें जाकर हम ट्रेनिंग भी देते हैं।

आयुर्वेदाचार्य डाक्टर एसके राय ने बताया कि प्रोटीन का मुख्य स्रोत दाल है लेकिन उसमें भी सभी अमीना एसीड पर्याप्त मात्रा में नहीं पाये जाते हैं। मशरूम में ये पर्याप्त मिलते हैं। मशरूम के प्रोटीन की पाचन क्षमता भी 70 से 80 प्रतिशत तक होती है। इसके अलावा इसमें सभी अमीनो अम्ल भी पाये जाते हैं। दैनिक आहार में इसका प्रयोग करने से कई रोगों से हमें मुक्ति दिला देते हैं।

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