उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में काम चालू है: ऊर्जा मंत्री
देश में कोरोना माहमारी के चलते पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर काम धंधे पर प्रभाव पड़ा है पूरे प्रदेश में घरेलू शहरी व ग्रामीण सहित होटल वाणिज्यक संस्थान मैरिज हॉल प्राइवेट गेस्ट हाउस सहित अन्य संस्थान को राहत दिलाने वाणिजियक उपभोक्ताओं के मिनिमम चार्ज को समाप्त कराने को लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेष कुमार वर्मा ने आज ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर लम्बी चर्चा की और एक लोकमहत्व जनहित प्रस्ताव सौंपते हुए यह मांग उठाई की वर्तमान में उपभोक्ता का संयोजित भार चाहे जो हो लेकिन उसके मीटर में रिकॉर्ड उस माह के वास्तविक भार पर ही फिक्स्ड चार्ज व डिमांड चार्ज की वसूली की जाय और बिजली वितरण निगमों का भी कोई नुकसान न हो इसलिए उत्पादन इकाइयो के फिक्स्ड चार्ज व डिमांड चार्ज की वसूली के नियमो में भी बदलाव कराया जाय जिन उपभोक्ताओ का घर या दुकान बंद है और रिकार्डेड डिमांड और कंजम्शन जीरो आ रही उनके मामले में एक फिक्स्ड बिल किलोवाट के हिसाब से निर्गत कराने की वयवस्था बनवाई जाय ।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद् अध्यक्ष को अस्वाशन दिया और कहा प्रदेश में जिन 11 निजी उत्पादन इकाइयो रिलायंस की रोजा बजाज की ललितपुर बजाज की अन्य पांच इकाइयो प्रयागराज अलकनंदा शासन आरकेएम पावर विष्णु प्रयाग लैंको पीटीसी केएसकीमहानंदी से प्रदेश में बिजली खरीद हो रही है।
ऊर्जा मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार पावर कार्पोरेशन प्रबंध निदेशक के ओर से सभी को नोटिस जारी किया गया है और भारत सरकार की उत्पादन इकाइयो एनटीपीसी पीजीसीआईएल की तरह लॉक डाउन पीरियड में फिक्स्ड चार्ज में 20 से 25 प्रतिशत रिबेट देने हेतु रिबेट आंगणन धनराशि की सूचना मांगी गयी है सहमति प्राप्त होते ही उसका लाभ प्रदेश के उपभोक्तओ को उनके बिजली बिलो में दिया जायेगा जैसे केंद्र के रिबेट के बाद पहले 1 माह के फिक्स्ड चार्ज में छूट दी गयी थी।







