हाइवे पर गूगल से खोजते थे ATM, 15 मिनट में दिखाते थे ऐसा कमाल!

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file photo

यूपी पुलिस ने एटीएम लूटने वाले गिरोह को दबोचा

कानपुर, 27 मार्च। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के चकेरी इलाके में 13 मार्च को तीन एटीएम काटकर 15.62 लाख रुपये लूटने वाले गैंग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि मेवात गैंग के 8 लोगों को गिरफ्तार कर उनसे 2.5 लाख रुपये बरामद किए हैं। इस गिरोह में दो महिलाएं भी शामिल हैं। यह गैंग गूगल मैप पर हाइवे के एटीएम देखकर वारदात को अंजाम देते थे। चकेरी मामले की जांच के दौरान 70-80 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखने के बाद पुलिस को एक काली एसयूवी दिखाई दी। जिस पर नंबर अलग-अलग थे। हाइवे के टोल बूथों के फुटेज चेक करने के बाद कुछ सुराग मिले, जिसके बाद पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया।

पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के अनुसार आरोपी मेवात के कुख्यात कुरैशी और रत्ती गैंग के बदमाश हैं। ये हरियाणा, यूपी, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र और कर्नाटक तक वारदात करते थे। वारदात के लिए इन शातिरों के 2-3 गैंग चलते थे। गूगल मैप पर हाइवे किनारे बने एटीएम की पहचान के बाद ऐसे बूथ चुने जाते हैं, जहां गार्ड नहीं होते हैं। पहला गैंग किसी गाड़ी पर जाकर बूथ के कैमरे तोड़ देता है। कुछ देर बाद दूसरा गैंग ट्रक या गाड़ी से जाता है। गाड़ी 100-200 मीटर दूर खड़ी की जाती है।

आरोप है कि गैस कटर चलाने वाला असलम 10-15 मिनट में एटीएम काट लेता है। वह सिर्फ ऐसे एटीएम काटता है, जिनके साइड में कंक्रीट नहीं भरी होती है। रत्ती एटीएम कैसेट निकालने का एक्सपर्ट है। गैंग का सरगना मुश्ताक कुरैशी वारदात के लिए सारा सामान उपलब्ध कराता है। पुलिस ने रत्ती खान (अलवर), आसिफ, अजहरुद्दीन, हाशिम, मजीदन, आबिदा (सभी नूह, हरियाणा), जमशेद (पलवल) और असलम (गाजियाबाद) को गिरफ्तार किया है। काम के बाद जरूरत पर ये लोग फायरिंग करने से भी नहीं हिचकते हैं।

कानपुर से मिले रुपये से इन्होंने एक गाड़ी खरीदी और एक प्लॉट के बकाया 3 लाख रुपये चुकाए। लूट का माल 2-3 दिन से ज्यादा अपने पास नहीं रखते थे। पैसे खत्म होने के बाद ये रांची, जमशेदपुर और सासाराम गए। सासाराम कैंट में सेना की आवाजाही की वजह से ये कुछ नहीं कर सके। ये वारदात के लिए तड़के 2-4 बजे का समय चुनते थे।

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