अभियुक्तों के कब्जे से आला कत्ल बरामद भेजे गए जेल
कौशाम्बी, 18 जुलाई। कौशाम्बी मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के भेलखा में 15 जुलाई की रात में प्रेमचन्द की गांव के बाहर समरसेबुल पर सोते समय धारदार चाकू कुल्हाडी एवं फरसा से मार कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया गया था। इस बीच इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी बेटे अरविंद की तहरीर पर थाना मंझनपुर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था घटना की गम्भीरता को देखते हुये राजेश कुमार पुलिस अधीक्षक द्वारा टीमों का गठन कर घटना के शीघ्र सफल अनावरण हेतु निर्देशित किया गया था।
घटना के अनावरण के क्रम में थाना मंझनपुर व एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा इलेक्ट्रॉनिक व अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुखबिर की सटीक सूचना पर मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित प्रकाश में आये 02 अभियुक्तों रमेश सरोज पुत्र स्व0 जवाहर सरोज निवासी ग्राम भेलखा थाना मंझनपुर वा उसके रिश्तेदार सरजू पुत्र रामभरोसे निवासी ग्राम ट़डहर थाना कोखराज को ग्राम पाता जाने वाले मार्ग पर स्थित तालाब के पास से गिरफ्तार किया गया हैं। विधिक कार्यवाही के पश्चात अभियुक्तों को न्यायालय भेजा गया हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों से गहन पुछताछ करने पर अभियुक्त रमेश नें बताया कि मेरे व मृतक प्रेमचंद्र के मध्य पुरानी रंजिश थी। जिसको लेकर मेरे द्वारा मृतक प्रेमचन्द्र के विरूद्ध न्यायालय में मुकदमा डाला गया था जिसको वापस लेने के लिए प्रेमचन्द्र दबाव बनाता था, इसी बात को लेकर मेरी कहासुनी हो गयी थी एवं मुकदमा वापस न लेने पर मुझे व मेरे बच्चों को जान से मारने की धमकी दी थी । मुझे 20 जुलाई को काम से मुम्बई जाना था, मुझे डर था कि मेरे जाने के बाद ये मेरे बच्चों को मार देगा इसलिए मैने अपने रिस्तेदार सरजू के साथ मिलकर योजना बनाकर दिनांक 15 जुलाई की रात्रि को गांव के बाहर ट्यूबवेल पर सो रहे प्रेमचन्द्र के उपर डण्डो तथा खुर्पी से हमला किया और तब तक मारते रहे जब प्रेमचन्द्र मरणासन्न हो गया था। इलाज में प्रेमचंद की मौत हो गई थी।







