आंकड़ा अर्थ एवं संख्या प्रभाग ने जारी किया अनुमान, उद्योगों के बढ़ावा देने की नीति का भी दिखा असर
उपेंद्र नाथ राय
प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन पर सख्ती और ग्रामीण विद्युतीकरण को अभियान के रूप में चलाए जाने का असर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। स्थित यह है कि खनन में जहां पचास प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी, वहीं इलेक्ट्रिकल उपकरणों का उत्पादन उद्योग समूहों ने सर्वाधिक 61.4 प्रतिशत की धनात्मक वृद्धि हुई है। यही नहीं अन्य उत्पादन में भी 21.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा अर्थ एवं संख्या प्रभाग के निदेशक अरविन्द कुमार पांडेय ने गुरुवार को जारी किये।
जारी किये गये अनुमानों में कहा गया है कि आधार वर्ष 2011-12 के तहत त्वरित अनुमान केन्द्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा उपलब्ध करायी गयी रीति विधायन के अनुसार उत्तर प्रदेश के विभिन्न कारखानों एवं विभागों द्वारा उपलब्ध कराये गये आंकड़ों के प्रयोग से तैयार किया गया है।
अर्थ एवं संख्या प्रभाग के निदेशक अरविन्द कुमार पाण्डेय ने बताया कि नवम्बर, 2019 में आधार वर्ष 2011-12 के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का सामान्य सूचकांक का त्वरित अनुमान 114.9 रहा। खनन, विनिर्माण और विद्युत क्षेत्र की वृद्धि दरें नवम्बर, 2018 के वृद्धि दरों की तुलना में क्रमशः (-)50.0 प्रतिशत, 4.7 प्रतिशत और (-)8.9 प्रतिशत रहीं। उनके अनुसार उद्योगों के संदर्भ में विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों की स्थिति काफी अच्छी रही है।







