एक बार फिर पल्स पोलियो अभियान में पुनः तेजी, जनपद हमीरपुर के समस्त लक्षित 139118 बच्चों को पिलायी जानी है पोलियो ड्रॉप्स
हमीरपुर। जनपद में 14 दिसंबर को प्रस्तावित पल्स पोलियो अभियान की शत-प्रतिशत सफलता के लिए जन जागरूकता को भी एक अहम कड़ी बनाया गया है। इसी कड़ी के क्रम में 12 दिसंबर को कलेक्ट्रेट प्रांगण से जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने पल्स पोलियो रैली का शुभारंभ किया। इस रैली में हमीरपुर सदर के विभिन्न विद्यालयों के बच्चों व शिक्षक/शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। यह रैली शहर के मुख्य स्थानों से होते हुए पल्स पोलियो अभियान की महत्ता बताते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय तक पहुंची जहां स्कूली बच्चों एवं स्टाफ को स्वल्पाहार वितरित किया गया।
इस जागरूकता रैली में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एसीएमओ/ सभी डिप्टी सीएमओ, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी गीतम् सिंह ने अपने अधीनस्थों को निर्देशित किया है कि जिले में पल्स पोलियो अभियान शत-प्रतिशत सफल तरीके से पूर्ण हो इसके लिए सभी जिम्मेदार तन्मयता से लगे रहें। उन्होंने आगे कहा कि जनता को जागरूक करने के लिए भी जागरूकता के तमाम साधनों का उपयोग करते हुए जनपद के समस्त लक्षित 139118 बच्चों को दवा पिलाने का कार्य सफलता पूर्वक तय करना है। इसके लिए जनपद में 598 बूथ बनाये गये हैं। 335 ऐसी टीमें बनायी गयीं हैं जो घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलायेंगी। 11 मोबाइल टीमें व 20 ट्रांजेट टीमें बनायी गयी हैं। कोल्ड चेन को मेन्टीनेंस रखने का भी सख्त निर्देश दिये गये हैं। इसके साथ ही पल्स पोलियो अभियान के शत-प्रतिशत सफलता के लिए अन्य कई विभागों से भी सहयोग के लिए जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिये गये हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी सी. बी. राजपूत ने बताया कि वैसे तो विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को कुछ ही वर्षों पहले 27 मार्च 2014 को पोलियो मुक्त घोषित किया था। लेकिन हाल ही में भारत के कुछ पड़ोसी देशों जैसे आफगिनस्तान और पाकिस्तान में पोलियो के नये मरीज देखे गये। इस कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार ने सतर्कता अपनाते हुए दिसम्बर माह में 14 से 19 तारीख तक पूरे देश में पोलियो ड्रॉप्स के लिए लक्षित लोगों (0 से 5 वर्ष आयु) तक पहुंचने के लिए पूरी रणनीति बनाई है जिससे कोई भी कड़ी छूटने न पाये। उन्होंने आगे कहा कि इस नेक अभियान में लोगों को भी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करना चाहिए। जिससे कोई भी बच्चा (0 से 5 वर्ष) दो बूंद जिंदगी से वंचित न रह जाये।






