कानपुर । आसमान में छाई धुंध ने कानपुर को देश के सबसे प्रदूषित शहर की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। शुक्रवार को जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) की रेटिंग में इस शहर का प्रदूषण स्तर सबसे ज्यादा आंका गया। इसे कम करने के लगातार हो रहे प्रयास के चलते रेटिंग में दिल्ली का स्थान सुधरकर छठवें स्थान पर आ गया। पर्टिकुलर मैटर (पीएम) 2.5 का स्तर कानपुर में 386 रहा, तो दिल्ली में 310 दर्ज किया गया।
इससे पहले गुरुवार को कानपुर प्रदूषित शहरों की सूची में आठवें स्थान पर था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार कानपुर का एक्यूआई पीएम 2.5 लेवल अचानक बढ़ गया। अनियंत्रित ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, वाहनों के धुएं, निर्माण कार्यों के चलते उड़ रही धूल, डीजल के जलने से निकलने वाली जहरीली गैस और जगह-जगह जलाए जा रहे कूड़े ने प्रदूषण का स्तर बढ़ा दिया। प्रदूषण इस कदर बढ़ा हुआ है कि सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक कर प्रदूषण को कम करने के उपायों पर चर्चा की।
फायर सर्विस विभाग ने पानी का छिड़काव कर पीएम (2.5) स्तर को कम करने का प्रयास किया। शहर की हवा में लगातार जहर घुल रहा है। पिछले दो दिन से लगातार नीचे गिर रही एक्यूआई शुक्रवार को फिर बढ़ गई। 14 नवंबर को शहर में एक्यूआई रेटिंग 448 थी और प्रदूषित शहरों की सूची में शहर तीसरे नंबर पर था। 15 नवंबर को पीएम (2.5) का स्तर गिरा और एक्यूआई 373 रिकॉर्ड किया गया। 16 नवंबर को पीएम (2.5) के स्तर में और गिरावट आई। इससे एक्यूआई रेटिंग 336 रिकॉर्ड की गई और शहर आठवें स्थान पर पहुंच गया था। 17 नवंबर को अचानक पीएम का स्तर फिर बढ़ गया और एक्यूआई रेटिंग 386 पहुंच गई। इस दौरान अन्य सभी शहरों में पीएम (2.5) के स्तर में गिरावट आई है, जबकि कानपुर का बढ़ रहा है।







