हाईकोर्ट ने भी फैसला देते हुए इस निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं
लखनऊ, समाजवादी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रजापति का लखनऊ के सालेह नगर में अवैध निर्माण है, जिसे 23 मई को ही एलडीए के न्यायिक प्राधिकरण ने ध्वस्त करने का आदेश दिया था, लेकिन गायत्री प्रजापति के बेटे अनुराग ने इस आदेश को कमिश्नर के यहां चुनौती दे दी थी. हालांकि राहत नहीं मिली, तो उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी.
अब हाईकोर्ट ने भी फैसला देते हुए इस निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं. दरअसल, गायत्री प्रजापति के इस आवासीय प्लॉट पर कॉमर्शियल निर्माण चल रहा था, लेकिन मंत्री के रसूख की वजह से इंजीनियर अधिकारी नहीं बूल रहे थे . बताया जा रहा है कि हर महीने इंजीनियर और अधिकारी इस अवैध निर्माण से अच्छी-खासी वसूली भी कर रहे थे. गायत्री प्रजापति का यह आशियाना एलडीए के नाक के नीचे बन रहा था, लेकिन अब यह जल्द ही ज़मींदोज़ हो जाएगा.
लखनऊ शहर में अगर आंकड़ों को देखें तो तकरीबन 10 हजार इमारतों का नक्शा पास नहीं है. साथ ही करीब 20 हजार घरों का नक्शा और निर्माण में बहुत का अंतर है. पिछले पांच सालों में सिर्फ 500 निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है, जबकि तामील होने वालों की संख्या बेहद कम रही.







