काठमांडू में 3 साल की बच्ची को मिला देवी का दर्जा

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बाल अधिकार ऐक्टिविस्ट्स के विरोध के बावजूद नेपाल की राजधानी काठमांडू में तीन साल की बच्ची को पुरोहित ने गुरूवार को एक बच्ची को कुमारी का दर्जा दिया है। तृष्णा शाक्या नाम की बालिका का एक समारोह के दौरान नई कुंवारी देवी के रूप में अभिषेक किया गया। जिसे 4 साल की उम्र में साल 2008 में कुमारी का दर्जा दिया गया था।
नेपाल में कुमारी को देवी का दर्जा दिया जाता है। कुमारी की भूमिका की औपचारिक मंजूरी के लिए तृष्णा को गुरुवार को राष्ट्रपति भवन ले जाया गया। इसके लिए राष्ट्रपति की एक औपचारिक मंजूरी की जरूरत होती है।

कुमारी साल में सिर्फ 13 बार त्योहारों के समय ही महल से निकल सकती है जब उसे पूरे शहर में घुमाया जाता है और उसकी पूजा-अर्चना होती है। तृष्णा को तीन अन्य प्रतियोगियों में से 21 दिन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह दर्जा दिया गया है।

देवी बनने के लिए यह होनी चाहिए योग्यता:

किसी भी बच्ची में 32 ऐसी निपुणता होनी चाहिए जो किसी देवी में होती है। इसमें बरगद के पेड़ जैसा शरीर, गाय की तरह पलकें और बत्तख जैसी कोमल आवाज होना शामिल है। कुछ बाल अधिकार ऐक्टिविस्ट्स के विरोध के बावजूद नेपाल में हिंदू राजवंश खत्म होने के बाद से ही साल 2008 से यह प्रथा चली आ रही है।