Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, July 23
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Featured

    मोक्ष के लिए पवित्र डुबकी

    By February 12, 2019 Featured No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 744

    शास्त्रीय मत और पौराणिक मान्यताएं मां गंगा के जगततारिणी, पापनाशिनी और मोक्षदायिनी दिव्य रूप-स्वरूप का महिमा मंडन करते हैं। ‘‘गंगे तव दर्शनार्थ मुक्ति:’ की अवधारणा को आत्मसात करने वाले सनातन धर्मावलम्बियों की आस्था और विास की जड़ें भी बहुत गहरी हैं। गंगा की डुबकी में दैहिक, दैविक, भौतिक ताप-संताप मिटाने की असीम शक्ति है।

    धर्मगुरुओं, संतों, महंथों के साथ धर्मग्रंथों की इन्हीं मान्यताओं के चमत्कारी प्रभाव के रूप में संगम की रेती पर उमड़ा जनसैलाब है, जो जीवन के परम उद्देश्य ‘‘मोक्ष’ की प्राप्ति के लिए आतुर है। अमृत की छलकी बूंदें गंगाजल को परम पवित्र बनाती हैं। ऐसी सोच जनमानस को आकर्षित करती हैं। मोक्ष क्या है और इसे कैसे प्राप्त किया जा सकता हैं, इसके गूढ़ रहस्यों को समझे बगैर लागे भागे चले जा रंहे हैं। मोक्ष के अर्थ को लेकर मतों में भिन्नता है।

    शास्त्रीय मत में मोक्ष का मतलब मुक्ति है। लोक मान्यताओं में जीवन मरण चक्र से मुक्ति का अर्थ मोक्ष माना गया है। श्राद्ध-तर्पण के रास्ते पूर्वजों के मोक्ष की बात की जाती है। अच्छे कर्मो से मोक्ष प्राप्ति की धारणा है। शास्त्रों में नज़रता को दुख का कारण माना गया है। इससे मुक्त होने के लिए कर्ममार्ग और ज्ञानमार्ग अपनाया गया है। मोक्ष इस तरह के जीवन की अंतिम परिणति है, इसे जीवन के परम उद्देश्य के रूप में स्वीकार किया गया है। उपनिषदों में परमानंद की स्थिति को मोक्ष माना गया है।

    मनीषियों ने ज्ञान मीमांसा के अनुसार मोक्ष की अलग-अलग कल्पना की गयी है। कई संतों ने मोक्ष को वस्तु सत्य के रूप में अस्वीकार कर दिया है। मोक्ष को आत्मवादी कल्पना की संज्ञा दी गयी है। सांसारिक दु:खों से मुक्त होने को जीवन मुक्ति कहा गया है। आत्मा जो ब्रह्मस्वरूप है, उसका साक्षात्कार मुमुक्षु से होने की स्थिति में अहम ब्रह्मास्मि का बोध होता है। यहां आत्म साक्षात्कार को ही मोक्ष माना गया है। ईरवाद में ईर का सानिध्य ही मोक्ष है। अन्य वादों में संसार से मुक्ति को मोक्ष कहा गया है। जबकि लोकायत में मोक्ष को अस्वीकार किया गया है।

    एक मत में अपवर्ग को सुख और दुख दोनों से परे होना बताया गया है। इन दोनों को आत्मा के मूलभूत गुण नहीं माना गया, इसलिए मोक्ष की स्थिति में आत्मा दोनों से मुक्त हो जाती है। साधना की परम स्थली संगम की रेती पर मुमुक्ष के लिए कठोर तप, नियम, संयम का पालन बताया गया है। साधना के आठ अंग जिसमें यम, नियम, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान आर समाधि हैं। यहां साधना के माध्यम से अहं का परित्याग कर मोक्ष विधान बताया गया। अद्वैत वेदांत में मोक्ष की कल्पना उपनिषदों के आधार पर की गयी है। वेदांत में कर्म अथवा भक्ति की प्रधानता को नकारते हुए ज्ञान को प्रधानता दी गयी है। यहां आत्मा के सत् चित् आनंद को मोक्ष के रूप में परिभाषित किया गया है।

    मध्वाचार्य ने मोक्ष के लिए भक्ति को साधन बताया है। भक्ति मार्ग से ईर और मोक्ष प्राप्ति दोनों को प्रासंगिक कहा है।मां गंगा की कृपा, उनकी डुबकी से अमरत्व की कल्पना, संतों की संगति और समागम, त्रिवेणी के ज्ञान, ध्यान, धर्माचायरे के पैर की धूल का प्रसाद, धर्मोपदेश के साथ त्रिवेणी स्नान के बाद सूर्य को गायत्री मंत्र के साथ अघ्र्य और रेती के कल्पवास साधना का मोक्ष मार्ग बताया गया है। वैदिक, पौराणिक और इन्हीं शास्त्रीय मान्यताओं क कारण मोक्ष की ललक में रेती पर जनसैलाब देखा जा रहा है। मोक्ष होना हो, लेकिन एक डुबकी से आत्मिक संतुष्टि और परमानंद की अनुभूति जरूर हो रही है। तभी तो कहा गया है- गंगे तव दर्शनाथ मुक्ति:।

    Keep Reading

    हरिद्वार से लायी गयी ईंट के ऊपर बना है माँ मंशा देवी का मन्दिर

    'Chaos' Reigns at Buddheshwar Temple! Doors Remain Open Until 1 AM; No Fixed Schedule for *Aarti* or *Shayan*

    बुद्धेश्वर मंदिर में ‘अंधेरगर्दी’ का राज! रात 1 बजे तक खुले कपाट, न आरती-न शयन का समय

    Devotees throng Khatu Shyam bhajan evening; BJP leader assures women of support

    खाटू श्याम की भजन संध्या में उमड़े भक्त, BJP नेता ने मातृशक्ति को दिया भरोसा

    Idli. For just one rupee—not a bad deal!

    इडली. सिर्फ एक रुपए में, सौदा बुरा नहीं !

    Fall in love with life; even defeat is beautiful when played with a smile.

    जीवन से इश्क करो, हार भी खूबसूरत है, जब मुस्कुराते हुए खेला जाए

    3 मिनट की झपकी एक ईमानदार इंसान की इज़्ज़त लगभग छीन लेती

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    the-nations-future-on-the-streets-of-delhi

    दिल्ली की सड़कों पर देश का भविष्य!

    July 22, 2026
    Uttar Pradesh to become the country's bio-energy capital.

    उत्तर प्रदेश बनेगा देश की बायोएनर्जी राजधानी

    July 22, 2026
    76-day ‘Ward Outreach’ campaign launched in Varanasi.

    वाराणसी में शुरू हुआ 76 दिवसीय ‘वार्ड प्रवास’ अभियान

    July 22, 2026
    Cartoon Corner: Concerns regarding the side effects of 'instant love'.

    कार्टून की बात : चिंता इंस्टेंट लव के साइड इफ़ेक्ट की

    July 22, 2026
    Experience 'Rang De Basanti' from the comfort of your home! Bhojpuri's biggest patriotic film has been released on JioHotstar.

    रंग दे बसंती अब घर बैठे! भोजपुरी की सबसे बड़ी देशभक्ति फिल्म JioHotstar पर रिलीज

    July 22, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading