आईपीएल पर ब्रेक कोरोना प्रभावित देशों में भारत का नाम सबसे ऊपर आ चुका है। इसके कारण देश में हर चीज, हर काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यदि कोई अप्रभावित होने दावा करे तो यह उसकी मूर्खता ही कही जाएगी। ऐसे में यह बात ध्यान देने की है कि एक ओर तो देश महामारी की मार से तबाह है और इसे रोकने के लिए सबकुछ बंद करने मजबूरी सामने है तो वहीं दूसरी ओर आईपीएल जैसा आयोजन निर्बाध तरीके से जारी थी। हर तरफ लोगों को संक्रमण फैलने के खतरे से आगाह किया जा रहा था और इसके दायरे से आईपीएल से जुड़े लोग भी बाहर नहीं थे।
इस मामले में दलील यह दी जा रही थी कि इस आयोजन के लिए बायो बबल यानी जैव सुरक्षित वातावरण को तैयार किया गया है जिससे संक्रमण फैलने का खतरा नहीं होगा। लेकिन अब पिछले कुछ दिनों के दौरान कई टीमों के कुछ खिलाड़ियों के संक्रमण की चपेट में आने की खबर ने बायो बबल के बावजूद संक्रमण फैलने की आशंकाओं को सच साबित कर दिया है। यह स्वाभाविक ही है कि इसके आयोजकों के सामने आईपीएल को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा।
प्रश्न यह है कि आईपीएल के संचालन में लगे लोगों को क्या इस खतरे अहसास ही नहीं था। बचाव के लिए जिस बायो बबल नामक सुरक्षा घेरे का हवाला दिया जा रहा था, अगर वह सचमुच इतना कारगर था तो कई टीमों के खिलाड़ी अचानक ही संक्रमण के शिकार कैसे हो गए। यह बात शर्मनाक ही है कि एक ओर तो देश में रोजाना सैकड़ों लोगों की जाने जा रही है, चारों ओर मातम तथा खौफ का माहौल है और ऐसे में आईपीएल के आयोजकों और उसमें शामिल होने वाले लोगों को मनोरंजन और खिलवाड़ में मशगूल होना ज्यादा पसंद आया। सच तो यह है कि यहां तक स्थिति पहुंचने के पहले ही आयोजन को स्थगित कर दिया जाता तो बेहतर होता। अब बीसीसीआई के पास सावधानी से कारोबार बटोरने की जिम्मेदारी है ताकि और ज्यादा लोग बीमार न हों।







