उद्घाटन सत्र में अफ्रीकी न्यायालयों के न्यायाधीशों को करेंगे सम्बोधित
लखनऊ, 28 अप्रैल 2019: सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक डा. जगदीश गाँधी अंगोला में आयोजित हो रहे ‘अफ्रीका के संवैधानिक न्यायालयों के अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अंगोला के राष्ट्रपति महामहिम जाओ लारेन्को, सी.एम.एस. संस्थापक एवं विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के संयोजक डा. जगदीश गाँधी, साउथ अफ्रीका के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति मोगोंग मोगोंग, अफ्रीकन यूनियन की प्रतिनिधि एवं राजनीतिक मामलों की कमिश्नर श्रीमती मिनाटा समाटे आदि विभिन्न हस्तियों के सारगर्भित सम्बोधन होंगे।
जन-सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने बताया कि अंगोलो के संवैधानिक न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डा. मैनुएल डाकोस्टा अरागो ने इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन प्रतिभाग हेतु डा. जगदीश गाँधी को विशेष रूप से आमन्त्रित किया है। सम्मेलन का आयोजन अंगोला की राजधानी लुआंडा में किया जा रहा है। सी.एम.एस. द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किये जाने वाले अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के प्रोजेक्ट लीडर श्री संदीप श्रीवास्तव भी डा. गाँधी के साथ अंगोला जायेंगे।
श्री शर्मा ने बताया कि अंगोला में आयोजित हो रहे इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में डा. जगदीश गाँधी को आमन्त्रित किया जाना लखनऊ व प्रदेश के लिए गौरव का विषय है जो अन्तर्राष्ट्रीय पटल पर लखनऊ का नाम गौरवान्वित करेगा। डा. गाँधी के मार्गदर्शन में सिटी मोन्टेसरी स्कूल पिछले 19 वर्षों से लगातार विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करता आ रहा है। इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में अभी तक विश्व के 133 देशों के 1222 मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश एवं राष्ट्राध्यक्ष आदि प्रतिभाग कर चुके हैं तथा विश्व की न्यायिक बिरादरी ने सी.एम.एस. की विश्व एकता, विश्व शान्ति व विश्व के ढाई अरब बच्चों के सुरक्षित भविष्य की मुहिम को भारी समर्थन दिया है।
बच्चों को वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने को प्रेरित करें: भारती गाँधी
लखनऊ, 28 अप्रैल 2019: सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए बहाई धर्मानुयायी, प्रख्यात शिक्षाविद् व सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने अपील की कि बच्चों को वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने को प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि सी.एम.एस. अपने छात्रों को भौतिक, मानवीय व आध्यात्मिक शिक्षा से परिपूर्ण करके ‘टोटेल क्वालिटी परसन’ बनाता है और यही बच्चे बड़े होकर उच्च पदों पर आसीन होते हैं। डा. गांधी ने आगे कहा कि सिर्फ उच्च पदों पर पहुंचना ही काफी नहीं है बल्कि दृष्टिकोण भी व्यापक होना चाहिए। विश्व के लोग जाति, धर्म, देश, ऊँच-नीच, अमीर-गरीब इत्यादि से प्रभावित होकर संकुचित विचारों के हो गये हैं।

उन्होंने कहा कि इस भेदभाव के दृष्टिकोण को बदलने की जरूरत है। सी.एम.एस. के बच्चे दुनिया के लोगों में एकता, समानता तथा प्रेम का भाव भरेंगे और इसके लिए उनका हथियार होगा ‘जय जगत’। हमें अपने सुखों का त्याग करके दूसरों की फिक्र करना चाहिए।







