इस वर्ष सी.एम.एस. के तीन और छात्र बने आई.ए.एस.

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लखनऊ, 15 अप्रैल 2019: सिटी मोन्टेसरी स्कूल के तीन छात्रों ने इस वर्ष भारतीय प्रशासनिक सेवा (आई.ए.एस.) में चयनित होकर विद्यालय का नाम रोशन किया है। इन छात्रों में सी.एम.एस. महानगर कैम्पस की छात्रा आयुषी सिंह (86वीं रैंक), सी.एम.एस. अलींगज (प्रथम कैम्पस) की छात्रा कृति पाण्डेय (389वीं रैंक) एवं सी.एम.एस. राजाजीपुरम (प्रथम कैम्पस) के छात्र सिद्धार्थ गौतम (538वीं रैंक) शामिल हैं।

यह जानकारी सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने दी है। श्री शर्मा ने बताया कि सी.एम.एस. के इन सभी होनहार छात्रों की अभूतपूर्व सफलता पर पूरे सी.एम.एस. परिवार को गर्व है, जिन्होंने अपनी मेधा, प्रतिभा व लगन से सी.एम.एस. के स्वर्णिम इतिहास में नया कीर्तिमान जोड़ा है एवं पूरे देश में सी.एम.एस. का नाम रोशन किया है।

सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने सी.एम.एस. के इन होनहार छात्रों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि ये मेधावी छात्र सी.एम.एस. की फिलासफी के अनुसार वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को अपने कर्म क्षेत्र में सेवा काल के दौरान सारे विश्व में फैलायेंगे और सम्पूर्ण विश्व को एकता के सूत्र में पिरोने में अपना योगदान देंगे।

मॉडल यूनाइटेड नेशन्स कॉन्फ्रेन्स सी.एम.एस. में सम्पन्न

वैश्विक समस्याओं के समाधान सुझाए छात्रों ने

लखनऊ, 15 अप्रैल 2019: सी.एम.एस, अलीगंज (प्रथम कैम्पस) के तत्वावधान में विद्यालय प्रांगण में चल रही मॉडल यूनाइटेड नेशन्स कॉन्फ्रेन्स (एम.यू.एन.-2019) के दूसरे व अन्तिम दिन दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद, रायबरेली आदि शहरों के प्रतिष्ठित विद्यालयों से पधारे 400 से अधिक प्रतिभागी छात्रों ने सारगर्भित, ओजपूर्ण एवं प्रभावशाली उद्बोधन से विश्व की ज्वलंत समस्याओं पर सारगर्भित चर्चा-परिचर्चा की एवं साबित कर दिया कि भावी पीढ़ी बदलते विश्व परिदृश्य पर गंभीर विचार रखती है और उनमें सकारात्मक चिंतन के साथ विश्व की समस्याओं का समाधान करने की क्षमता मौजूद है।

विदित हो कि सी.एम.एस. अलीगंज (प्रथम कैम्पस) द्वारा आयोजित मॉडल यूनाइटेड नेशन्स कान्फ्रेन्स (एम.यू.एन.-2019) वास्तव में संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेम्बली का हूबहू प्रतिरूप है, जिसके माध्यम से छात्रों को महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखने का अवसर मिल रहा है, साथ ही छात्रों को सामयिक घटनाओं, अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों एवं कूटनीतिक जानकारियाँ भी प्राप्त हो रही हैं।

मॉडल यूनाइटेड नेशन्स कॉन्फ्रेन्स (एम.यू.एन.-2017) के अन्तर्गत संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेम्बली की तर्ज पर संयुक्त राष्ट्र संघ की विभिन्न शाखाओं का प्रतिनिधित्व करती हुई छात्रों की आठ समितियों का गठन किया गया है। प्रत्येक समिति के अलग-अलग मुद्दे हैं जिन पर विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रतिभागी छात्रों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रत्येक समिति में एक अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष थे जिन्होंने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया।

यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेम्बली कमेटी के अन्तर्गत छात्रों ने ‘प्रोटेक्टिंग द कल्चरल आईडेन्टिटीज विद रिगार्ड टू द अलार्मिंग राइज ऑफ प्रीजुडाइसेज अगेन्स्ट इस्लाम’ विषय पर सारगर्भित चर्चा-परिचर्चा की तो वहीं दूसरी ओर यूनाइटेड नेशन्स ह्यूमन राइट्स काउन्सिल के अन्तर्गत ‘राइट्स आफ इन्टरनली डिस्प्लेस्ड परसन्स’ विषय पर चर्चा हुई।

इसी प्रकार यूनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउन्सिल कमेटी ने ‘टेरिटोरिअल इन्टीग्रिटी ऑफ यूक्रेन’ एजेन्डे पर गंभीर चर्चा हुई। इस परिचर्चा में छात्रों ने अमेरिका, आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, भारत, इंग्लैण्ड, चीन, फ्रांस इत्यादि देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए यूक्रेन की वर्तमान परिस्थितियों पर चर्चा की। यूनाइटेड नेशन्स कमीशन आन स्टेटस ऑफ वोमेन एजेन्डे के अन्तर्गत प्राइमरी व माध्यमिक शिक्षा में बदलाव पर चर्चा हुई। इस कमेटी के अन्तर्गत छात्रों ने अमेरिका, इंग्लैण्ड, हंगरी, बेल्जियम, इजरायल आदि देशों को प्रतिनिधित्व करते हुए इन देशों में महिलाओं की दशा पर विचार प्रस्तुत किये।

आल इण्डिया पॉलिटिकल पार्टी मीट नामक कमेटी ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के मुद्दे पर चर्चा-परिचर्चा की। इसके अलावा, ‘द इन्टरनेशनल प्रेस’ नामक कमेटी के छात्रों ने फोटोग्राफर एवं रिपोर्टर की जिम्मेदारी निभाई। इन छात्रों ने बड़ी जिम्मेदारी से अन्तर्राष्ट्रीय अथवा राष्ट्रीय प्रेस की भूमिका निभाई।

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