जीतनराम मांझी की हम पार्टी को जेडीयू ने दी 7 सीटें
बिहार में जैसे जैसे चुनाव नजदीज आ रहे है। सभी दाल एक दूसरे को मजबूत करने में लग गए हैं। इसी कड़ी में बिहार में सत्ताधारी एनडीए गठबंधन की ओर से सीट बंटवारे के ऐलान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि जेडीयू इस बार 122 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, बीजेपी के खाते में 121 सीटें गई हैं। जीतनराम मांझी की हम पार्टी को जेडीयू कोटे से 7 सीटें दी गई हैं। वहीं बीजेपी अपने कोटे से मकेश सहनी की पार्टी वीआईपी को सीट देंगे।
नीतीश कुमार ने कहा कि हमारा काम बिहार की जनता की सेवा करना है। हमारे बारे में कौन क्या बोल रहा इससे फर्क नहीं पड़ता। नीतीश कुमार ने कहा कि हमारे मन में कोई गलतफहमी नहीं है। बिहार को आगे बढ़ाना है, यही हमारा लक्ष्य है।

उन्होंने विपक्षी पार्टी खास तौर से आरजेडी पर जमकर निशाना साधा, कहा कि आरजेडी के शासन काल में कोई काम नहीं हुआ। पटना में बीजेपी-जेडीयू की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने फिर कहा कि नीतीश कुमार ही एनडीए के नेता हैं। बीजेपी ने उम्मीदवारों की लिस्ट को लेकर भी चर्चा पूरी कर ली है।
मीडिया सूत्रों की जानकारी के मुताबिक, पार्टी इस बार कैंडिडेट्स की लिस्ट में बड़ा सरप्राइज देने की तैयारी कर रही है। पार्टी इस बार पांच से छह मौजूदा विधायकों के टिकट काट सकती है। यही नहीं मौजूदा विधायकों के किसी करीबी और रिश्तेदार को भी टिकट नहीं देने पर विचार भी पार्टी कर रही है। बिहार चुनाव को लेकर दिल्ली से पटना तक बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठकों का दौर जारी है।
बता दें कि हाल ही में बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की भी बैठक हुई, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में पार्टी ने फैसला लिया इस चनाव में किसी भी विधायक, सांसद या फिर मंत्री के करीबियों या फिर रिश्तेदारों को टिकट नहीं दिया जाएगा। जेडीयू के साथ गठबंधन के मद्देनजर पार्टी बिल्कुल उम्मीदवारों के चयन में बिल्कुल नई रणनीति के साथ काम कर रही है। खास तौर से चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी के बिहार चुनाव अकेले उतरने की वजह से पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।







