स्मार्ट मीटर डिस्कनेक्ट मामले में बिजली कम्पनियों ने दाखिल किया जवाब, उपभोक्ता परिषद ने कहा मुआवजा देने के साथ करें दोषियों पर कठोर कार्यवाही

0
110

उपभोक्त परिषद ने आयोग से कहा: हास्यास्पद है बिजली कम्पनियों का जवाब

उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा जनमाष्टमी के दिन लाखों समार्ट मीटर विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली ईईएसएल, एलएनटी व पावर कारपोरेशन की उदासीनता के चलते बंद होने के मामले पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा सभी बिजली कम्पनियों को दिये गये विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 142 के नोटिस के क्रम में प्रदेश की सभी बिजली कम्पनियों द्वारा बडी चालाकी से नियामक आयोग को कल देर शाम यह जवाब भेजा गया कि न तो विद्युत वितरण संहिता, 2005 का उलंघन हुआ और न ही स्टैण्डर्ड आफ परफारमेन्स के किसी नियम का।

बिजली कम्पनियों द्वारा आयोग को भेजे गये जवाब में सरकार द्वारा गठित जाॅंच समिति की रिपोर्ट लम्बित होने का हवाला देते हुये यह उत्तर भेजा गया है कि 95 प्रतिशत स्मार्ट मीटर विद्युत उपभेाक्ताओं की बिजली 6 घण्टे में चालू कर दी गयी थी और अगले 12 घण्टे में 98 प्रतिशत और 24 घण्टे के अन्दर सभी 100 प्रतिशत उपभोक्ताओं की बिजली चालू हो गयी थी केवल 1 उपभोक्ता की बिजली दरवाजा बंद होने के चलते नही चालू हुयी।

इस जवाब के एवज में उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग में एक जनहित प्रत्यावेदन दाखिल कर बिजली कम्पनियों द्वारा आयोग को गुमराह करने का आरोप लगाते हुये सभी स्मार्ट मीटर विद्युत उपभोक्ताओं को स्टैण्डर्ड आफ परफारमेन्स के तहत मुआवजा देने की मांग उठायी और यह भी मांग उठायी गयी कि ईईएसएल, एलएनटी व पावर कारपोरेशन सभी ने अनुबन्धों व एमओयू का उलंघन किया है इसलिये सबके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये जो एक नजीर साबित हो।

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बिजली कम्पनियों पर हमला बोलते हुये कहा कि बिजली कम्पनियों ने आयोग में हर एक स्मार्ट मीटर विद्युत उपभोक्ता की बिजली कब जुडी का लेखा जोखा तो दे दिया और उसमें यह भी लिखा कि केवल 1 उपभोक्ता की बिजली इसलिये नही जुड पायी कि उसका मकान बंद था लेकिन उन्हें मालुम ही होगा कि उपभोक्ता परिषद ने राजधानी लेसा में ही 4 दिनों से बंद पडे स्मार्ट मीटर उपभोक्ता की बिजली प्रबन्ध निदेशक मध्याॅंचल से बात कर जुडवायी फिर बिजली कम्पनियों के जवाब की सच्चाई क्या है कि सभी की बिजली 24 घण्टे में जोड दी गयी।

उपभोक्ता परिषद ने कहा कि बिजली कम्पनियाॅं शायद यह भी भूल गयी कि ऊर्जा मंत्री जी ने प्रमुख सचिव ऊर्जा को जो पत्र लिखा है उसमें उनके द्वारा यह बात लिखी गयी है कि अनेकों उपभोक्ता 16/08/2020 तक डिस्कनेक्ट थे। इसका मतलब यह हुआ कि बिजली कम्पनियों ने एयर कंडीशन कमरे में बैठकर मनमानी रिपोर्ट पेश कर दी और सबसे बडा चौकाने वाला मामला यह है कि उपभोक्तावार रिपोर्ट तैयार हो गयी लेकिन सरकार के निर्देश में बनी दोनों जाॅंच कमेटी की रिपोर्ट आज तक नही आयी।

उपभोक्ता परिषद ने कहा कि बिजली कम्पनियाॅं शायद यह भूल गयी कि जब स्मार्ट मीटर विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली बकाये पर काटी जाती है और कोई भी उपभोक्ता 10 मिनट में ही भुगतार कर देता है तो उससे कनेक्शन जोडने व काटेने की फीस के रूप में आरसीडीसी फीस 600 रू0 और 108 रू0 जीएसटी कुल मिलाकर रू0 708 वसूला जाता है। ऐसे में सभी उपभेाक्ताओं को रीवर्स व्यवस्था के तहत बिजली कम्पनियों को रू0 708 के हिसाब से हर स्मार्ट मीटर उपभोक्ता को मुआवजा तो देना ही होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here