- बिजली कंपनिर्यो द्वारा दाखिल वर्ष 2020-21 का वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) ट्रूअप में विद्युत नियामक आयोग ने निकली कंपनी वाइज सैकड़ो कमिया और पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन सहित सभी डिस्कामो के प्रबंध निदेशक से मांगा 10 दिन में जबाब
- नियामक आयोग ने कड़े लहजे में पूछा जब वर्ष 2019-20 में वितरण हनिया आयोग ने की 11.96 प्रतिशत अनुमोदित तो वर्ष वर्ष 2020-21 में कैसे किया वितरण
यूपी में भी बिजली कम्पनियों के खेल बड़े ही निराले हैं दिन पर दिन नयी परत खुल रही हैं। आज से लगभग 15 दिन पहले प्रदेश के बिजली कम्पनियो द्वारा विद्युत नियामक आयोग में दाखिल वर्ष 2020-21 का वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) वर्ष 2018-19 का ट्रूअप व वर्ष 2019-20 का वार्षिक परफारमेंन्स रिव्यू को जब गम्भीरता से परीक्षण किया तो उसमे सैकड़ो कमिया उजागर हुई है जिसको लेकर विद्युत नियामक आयोग काफी गंभीर हो गया और सभी पांचो बिजली कम्पनियो द्वारा दाखिल प्रपत्र में सैकड़ो कमियों निकलते हुए पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन और सभी डिस्कामो के प्रबंध निदेशकों से बिंदुवार 10 दिन में रिपोर्ट तलब की है । बता दें कि इस मामले में उपभोक्ता परिषद् पहले ही सवाल किया था कि बिजली कम्पनियो ने जो एआरआर लगभग 71 हजार करोड का दाखिल किया कहा था वह मनगढ़ंत आकड़ो पर आधारित है उसे खारिज किया जाना चाहिए।
इस मामले में उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा जो कमिया विद्युत नियामक आयोग द्वारा निकली गयी है उसमे प्रमुख रूप से बिजली कम्पनियो के अनाप शनाप खर्च डिमांड और उपभोक्ताओ की संख्या श्रेणी वाइज सरकारी सब्सिड़ी खर्च एसओपी विभागीय कार्मिको के यहाँ मीटर लगाने की प्रगति नोर्मेटिव कंजम्पसन सहित विभागीय कार्मिको का पिछले 3 वर्षो का पूरा डिटेल विजली खर्रीद फिक्स्ड एसेट रजिस्टर व अनेको पैरामीटर पर सवाल उठाये गये है उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा चौकाने वाला मामला यह है जो बिजली कम्पनिया साल भर सुधार के बड़ी बड़ी दावे में जुटी थ़ीे इस बार वितरण हानिया 17.90 प्रतिशत प्रस्तावित किया है।
उन्होंने कहा कि सवाल यह उठना लाजमी है की इसके पहले वितरण हानिया 11.96 आयोग ने अनुमोदित किया था । बिजली कम्पनियो ने 6 प्रतिशत लाइन हानिया बढ़ाकर यह सिद्ध कर दिया की कही न कही इसमे बड़ा लोचा है इसलिए आयोग ने इस पर सभी डिटेल तलब किया है।
इस मामले में उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा बिजली कम्पनियो के मनगढंत आकड़ो को खारिज करते हुए विद्युत नियामक आयोग को बिजली उपभोक्ताओं का उदय व ट्रूअप में वर्ष 2017-18 तक कुल लगभग रुपया 13337 करोड़ बिजली कम्पनियो पर निकल रहा है। जिसे आगे उपभोक्तओ को पास किया जायेगा। आयोग ने कहा था, जो अब कैरिंग कॉस्ट 13 प्रतिशत जोड़ कर लगभग रुपया 14782 करोड़ हो गया है जिसको पूरा उपभोक्तओ को यदि आयोग पास आन करे तो लगभग 25 प्रतिशत बिजली दरों में कमी होगी वही बिजली कम्पनियो के 4500 करोड़ के गैप को घटा दिया जय फिर भी बिजली दरों में 16 प्रतिशत की कमी होनी चाहिए।







