ऊर्जा मंत्री ने कहा जब तक स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता नहीं होगे संतुष्ट तब तक नहीं लगेगा मीटर
स्मार्ट मीटर के मामले में अनेको जाँच हुई लेकिन पावर कार्पोरेशन प्रबंध ने कभी कोई ऐसी कार्यवाही नहीं पेश की जो एक नजीर बने अब जब एसटीएफ की भी जाँच रिपोर्ट सरकार को मिल गयी है जिसमे बड़ी तकनीकी अनियमितता सामने आयी है। ऐसे में सरकार को अब पूरे मामले पर कठोर कदम उठाते हुए प्रदेश के 3 करोड़ उपभोक्ताओ के बीच एक पारदर्शी सन्देश भेजना बहुत जरूरी हो गया है।
इस मामले पर आज उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से शक्तिभवन स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर उनसे चर्चा की उन्होंने कहा कि इसमे जो भी शामिल हैं उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाय।
प्रदेश के ऊर्जामंत्री ने तत्काल अपरमुख्य सचिव ऊर्जा को निर्देश जारी किया कि उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव पर अबिलम्ब प्रभावी कदम उपभोक्ता हित में उठाया जाये। कोई भी दोषी न बचे ऐसी नजीर पेश की जाय । साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश के स्मार्ट मीटर उपभोक्ता संतुष्ट नहीं होते स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जायेगा। उपभोक्ताओ की संतुष्टी ही सर्बोपरी है संतुष्टी के बाद ही आगे कोई विचार किया जा सकता है सरकार उपभोक्ताओ के साथ है ।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा नेे कहा की उपभोक्ताओ के घर में लगने वाले मीटर रूपी तराजू की विस्वसनीयता बनी रहे के लिए सरकार को कठोर कदम उठाना जनहित में जरूरी है । जब स्मार्ट मीटर टेंडर शुरू होने को था तभी से उपभोक्ता परिषद यह मुद्दा उठा रहा कि जो पुरानी तकनीकी 2जी व 3जी के स्मार्ट मीटर लेने की तैयारी है वह गलत है क्योंकि अब नयी तकनीकी आने को है आयोग ने उपभोक्ता परिषद की याचिका पर पावर कार्पोरेशन से सवाल किया फिर भी पुरानी तकनीकी आधारित मीटर ही खरीदे गये इसके लिए कौन जिम्मेदार है ?
जब पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को यह अंदाजा लग गया कि एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. ( ईईएसएल) इस परियोजना को सफलता पूर्वक नहीं चला सकता फिर भी उसे चलाने की अनुमति क्यों दी गयी बिना यूजर एक्सेप्टेन्स टेस्ट यूएटी किए बिना 12 लाख स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए कौन जिम्मेदार है उस पर कार्यवाही कब यह बड़ा सवाल की केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा जारी एएमआई गाइड लाइन का उलघन क्यों कराया गया?
भार जंपिंग पर केंद्रीय जाँच एजेंसी सीपीआरआइनोएडा के रिपोर्ट को दबाना और आज तक कार्यवाही न किया जाना बड़ा सवाल ?स्मार्ट मीटर तेज चलने की जाँच के बाद बात सही साबित हुई रिपोर्ट दबाई गयी आज तक कार्यवाही नहीं कौन जिम्मेदार ? पावर कार्पोरेशन के आलाधिकारी केवल पत्राचार कर मामले पर पर्दा डाल रहे इनको पत्र लिख दिया उनको पत्र लिख दिया लेकिन कठोर कदम आज तक नहीं उठाया गया ? विद्युत नियामक आयोग भी पूरे मामले पर कठोर कदम इसलिए नहीं उठा पा रहा क्योंकि पावर कार्पोरेशन केवल पत्राचार कर मामले को उलझा रहा ?








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super