4 साल में 2 अंतरराष्ट्रीय डिग्रियां: ASU लंदन ने बदला शिक्षा का खेल
नई दिल्ली : यह नया मॉडल ब्रिटेन और अमेरिका की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा प्रणालियों को जोड़ता है, जहां छात्र लंदन में रहकर यूके से मान्यता प्राप्त बैचलर डिग्री पूरी कर सकते हैं और फिर सीधे अमेरिका में ASU के मास्टर्स प्रोग्राम में गारंटीड एडमिशन पा सकते हैं। कुल मिलाकर सिर्फ 4 साल में दो अंतरराष्ट्रीय डिग्रियां- समय और खर्च दोनों में बड़ी बचत!
नई दिल्ली में ASU के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और COO क्रिस हॉवर्ड के नेतृत्व में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शिक्षा विशेषज्ञों, इंडस्ट्री लीडर्स और पॉलिसी मेकर्स ने इस इनोवेटिव अप्रोच पर गहन चर्चा की। ASU लंदन अप्लाइड लर्निंग, प्रोजेक्ट-बेस्ड एजुकेशन और इनोवेशन पर फोकस करता है, जो भारतीय छात्रों की बढ़ती मांग को पूरा करता है, सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि रियल-वर्ल्ड स्किल्स के साथ तैयार होना।
अप्लाइड लर्निंग और इनोवेशन पर फोकस: रियल-वर्ल्ड स्किल्स के साथ ग्लोबल करियर
ASU के प्रेसिडेंट माइकल एम. क्रो ने कहा, “ASU लंदन हमारी वैश्विक शिक्षा को नए सिरे से परिभाषित करने की प्रतिबद्धता है। ब्रिटिश हाई-क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को अमेरिकी इनोवेटिव और प्रैक्टिकल लर्निंग के साथ मिलाकर हम छात्रों को वैश्विक अवसरों, मोबिलिटी और असरदार करियर के लिए तैयार कर रहे हैं।”
यह प्रोग्राम कंप्यूटर साइंस, बिजनेस मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध है, जहां छात्र लंदन के जीवंत माहौल में पढ़ाई करते हुए ASU के विश्व-स्तरीय फैकल्टी से जुड़ते हैं। सफल बैचलर ग्रेजुएट्स को अमेरिका में मास्टर्स के लिए सीधी एंट्री मिलती है, जिससे उनका करियर तेजी से आगे बढ़ सकता है।
भारतीय छात्रों के लिए यह एक सुनहरा मौका है। दो महाद्वीपों में पढ़ाई, दो प्रतिष्ठित डिग्रियां और ग्लोबल जॉब मार्केट में मजबूत पोजिशनिंग, वो भी कम समय और लागत में। ASU लंदन न सिर्फ शिक्षा का नया मॉडल है, बल्कि भविष्य के लीडर्स तैयार करने का एक स्मार्ट और प्रभावी तरीका है।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें: london.asu.edu







