चमत्कार या विज्ञान: सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा यह कोई चमत्कार नहीं, विज्ञान के नज़रिये से लोग देखें
- सुशील कुमार
लखनऊ, 19 जुलाई : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के ददरी घाट पर गंगा नदी में एक अजीबो-गरीब घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है। यहाँ नदी में एक बड़ा पत्थर तैरता हुआ पाया गया, जिसका वजन लगभग 2 से 3 क्विंटल (200-300 किलोग्राम) बताया जा रहा है। यह पत्थर न तो डूब रहा है और न ही आसानी से उठाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इसे रामसेतु के पत्थर से जोड़कर देखना शुरू कर दिया है और इसकी पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। जैसे-जैसे यह खबर फैल रही है, श्रद्धालुओं की भीड़ ददरी घाट पर उमड़ रही है।
गोताखोरों ने इस पत्थर को घाट पर किया स्थापित
18 जुलाई 2025 को सावन के पवित्र महीने के दौरान गाजीपुर के ददरी घाट पर यह पत्थर नदी में तैरता हुआ देखा गया। स्थानीय गोताखोरों ने इसे नदी से बाहर निकालकर घाट पर स्थापित किया। लोगों का मानना है कि यह पत्थर त्रेता युग में भगवान श्रीराम द्वारा रामसेतु निर्माण के लिए इस्तेमाल किए गए तैरते पत्थरों में से एक हो सकता है। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, “जिस तरह भगवान राम ने तैरते पत्थरों से पुल बनाया था, यह भी वही पत्थर हो सकता है। यह भगवान श्रीराम की कृपा और चमत्कार है।” इस विश्वास के चलते लोग पत्थर की पूजा करने और दर्शन के लिए जुट रहे हैं।
यूजर्स ने कहा यह कोई चमत्कार नहीं
हालांकि, कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण इसे सामान्य भौतिकी से जोड़ता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स, जैसे @Lalityadav_0007, ने लिखा कि –
यह कोई चमत्कार नहीं है। कुछ पत्थर, जैसे प्यूमिस (pumice), अपनी कम घनत्व और छिद्रयुक्त संरचना के कारण पानी पर तैर सकते हैं। यह संभव है कि गंगा में मिला यह पत्थर भी ऐसी ही विशेष संरचना वाला हो, जिसके कारण यह डूब नहीं रहा। विज्ञान पहले भी ऐसे तैरते पत्थरों की व्याख्या कर चुका है, खासकर रामसेतु के संदर्भ में, जहाँ समुद्री प्रवाल (coral) और ज्वालामुखीय चट्टानों की संरचना को इसका कारण बताया गया है।
स्थानीय लोगों का धार्मिक उत्साह बढ़ा
गाजीपुर में इस घटना ने लोगों की धार्मिक आस्था को और बढ़ा दिया है। श्रद्धालु इसे भगवान श्रीराम का आशीर्वाद मान रहे हैं और पत्थर को पूजनीय मानकर उसकी अर्चना कर रहे हैं। मार्कंडेय महादेव मंदिर, जो गाजीपुर में गोमती और गंगा के संगम पर स्थित है, पहले से ही एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, और इस घटना ने क्षेत्र में धार्मिक उत्साह को बढ़ा दिया है।
http://यह रहा वीडियो : https://x.com/i/status/1946416142236467445
चर्चा का विषय बनी घटना
यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, और लोग इसे देखने के लिए ददरी घाट पर उमड़ रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक इस पत्थर की वैज्ञानिक जाँच या आधिकारिक बयान की कोई जानकारी नहीं मिली है।
गाजीपुर की इस घटना ने धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोणों को सामने ला दिया है। जहाँ कुछ लोग इसे रामसेतु से जोड़कर चमत्कार मान रहे हैं, वहीं अन्य इसे प्राकृतिक भौतिकी का उदाहरण बता रहे हैं। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक चर्चा का विषय बन गई है।







