राहत लेकर आएगा नया साल, घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

0
433

दिल्ली, 15 दिसम्बर। देश की कर नीति के लिहाज से सन 2017 काफी महत्वपूर्ण रहा है। इस साल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू किया गया। मोदी सरकार ने जीएसटी के तहत आम आदमी को राहत देने के लिए कई उत्पादों का रेट घटाया है। कारोबारियों के लिए रिफंड क्लेम करना भी आसान कर दिया गया है। नये साल में जीएसटी आम आदमी के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को भी राहत देने का काम करेगी। अगले साल जहां जीएसटी परिषद पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना तय माना जा रहा है, वहीं अर्थव्यवस्था के नये साल में जीएसटी के साइड इफेक्ट से उबरने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

नये साल में जीएसटी आम आदमी को सस्ते पेट्रोल और डीजल का तोहफा दे सकती है। गुरुवार को बिहार के वित्त मंत्री सुशील मोदी ने भी इस ओर संकेत‍ किया। इस साल पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत लाने के लिए ऑयल मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नितिन गडकरी ने आवाज उठाई थी। इन नेताओं ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों पर लगाम कसने के लिए जीएसटी ही एकमात्र रास्ता है। सुशील मोदी का कहना है कि अगले साल बिजली भी जीएसटी के दायरे में आ सकती है। अक्टूबर महीने में महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुनगटीवार ने कहा था कि सभी राज्यों ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की अनुमति दे दी है।

उनके मुताबिक अब इन उत्पादों को इसके तहत लाने के लिए हमें सही वक्त का इंतजार करना होगा। उम्मीद जताई जा रही थी कि जीएसटी परिषद की 23वीं बैठक में इसको लेकर कोई फैसला लिया जा सकता है, लेक‍िन ऐसा हुआ नहीं। उम्मीद जताई जा रही है कि नये साल में जीएसटी परिषद पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में शामिल कर ही लेगी। अगर ऐसा होता है, तो आपको एक लीटर पेट्रोल करीब 45 रुपये में मिल सकेगा। डीजल की कीमत भी इसके आसपास रहने की संभावना है। दरअसल जीएसटी के तहत आने से कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर कम किया जा सकेगा। वित्तमंत्री अरुण जेटली कह चुके हैं कि रियल इस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकता है। सुशील मोदी ने भी इस बात को दोहराया है। जेटली के मुताबिक इससे न सिर्फ आम आदमी को सस्ता घर खरीदने में मदद मिलेगी, बल्क‍ि यह कर चोरी पर भी लगाम कसने में मददगार साबित होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here