हनीप्रीत और राम रहीम को मैंने गुफा में नंगे देखा: विश्वास गुप्ता

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राम रहीम ने उसे पाने के लिये हर हथकंडा अपनाया। राम रहीम ने हनीप्रीत का साथ हासिल करने के लिये टीवी सीरियल की तरह ‘बिग बॉस’ का खेल भी खेला। इसके लिये सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में बिग बॉस जैसा सेट भी लगवाया गया

चंडीगढ़,22 सितम्बर: साध्वी बलात्कार मामले में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह  की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के तलाकशुदा पति विश्वास गुप्ता ने उसकी पूर्व पत्नी और राम रहीम के बीच संबंधों को लेकर आज कई खुलासे किये ।
श्री गुप्ता ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हनीप्रीत और राम रहीम के बीच काफी समय से घनिष्ठ संबंध थे। उन्होंने आरोप भी लगाया कि हनीप्रीत सिर्फ नाम के लिये उनकी पत्नी थी और वह हमेशा राम रहीम के साथ ही रहती थी।

उन्होंने कहा कि दोनों के बीच बाप-बेटी का संबंध नहीं था। राम रहीम ने दुनिया को दिखाने के लिये हनीप्रीत को बेटी बनाया हुआ था जबकि स्वयं उसके समक्ष दोनों पति-पत्नी की तरह रहते थे। उसने यह भी आरोप लगाया कि राम रहीम ने हनीप्रीत को केवल बेटी बनाने की घोषणा की थी और वैधानिक रूप से गोद लेने की कोई प्रक्रिया नहीं अपनायी गयी थी।

राम रहीम को बलात्कार मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद हुए उपद्रवों के बाद से हनीप्रीत फरार है और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी हुआ है। पुलिस उसे पकड़ने के लिये जगह-जगह दबिश दे रही है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। राम रहीम को बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा हुई है और वह फिलहाल रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है।

हनीप्रीत के पूर्व पति ने कहा कि राम रहीम ने उसे पाने के लिये हर हथकंडा अपनाया। राम रहीम ने हनीप्रीत का साथ हासिल करने के लिये टीवी सीरियल की तरह ‘बिग बॉस’ का खेल भी खेला। इसके लिये सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में बिग बॉस जैसा सेट भी लगवाया गया जहां राम रहीम का पूरा परिवार, हनीप्रीत और वह भी मौजूद रहता था।

डेरे में बिग बॉस का नाटक 28 दिन चला। इस नाटक में राम रहीम स्वयं बिग बॉस बना और सारा खेल टेलीविजन शो की तरह होता था, जो भी गलती करता था उसे बिग बॉस के कमरे में जाकर राम रहीम का सुमरिन करने की सजा मिलती थी। पहली बार गलती करने पर सजा 10 मिनट की होती थी और इसके बाद जितनी बार गलती की जाती थी, सजा में 10-10 मिनट का इजाफा किया जा था। खेल में शामिल अन्य लोग सतर्क रहकर गलती करने से बचने की कोशिश में लगे रहते थे। दूसरी ओर हनीप्रीत ने पहले ही दिन इतनी गलतियां कर दी कि वह एक तरह से हमेशा राम रहीम के कक्ष में रहती थी।

यह पूछे जाने पर कि उस समय शक क्यों नहीं किया गया, श्री गुप्ता ने कहा कि राम रहीम का प्रभाव इतना अधिक था कि गड़बड़झाला लगने के बावजूद कभी शक नहीं हुआ। उसने कहा कि वह नाम मात्र के लिये हनीप्रीत का पति था जबकि हनीप्रीत हमेशा राम रहीम के साथ रही। श्री गुप्ता ने बताया कि राम रहीम उसे भी अपने पास रखता था और दामाद की तरफ सम्मान दिलवाता था। इस सबके बावजूद हनीप्रीत के साथ राम रहीम का खेल बदस्तूर जारी रहा और वह हमेशा उसी के साथ रहती थी।

श्री गुप्ता ने बताया कि यात्रा के समय भी राम रहीम ठहरने पर ऐसे होटल का चुनाव करता था जिस होटल में रुकना हो वहां दोनों कमरे आपस में अंदर से जुड़े हुए हों। दिखाने को तो ये कमरे अलग-अलग नजर आते थे और दुनिया की नजर में यह रहे कि दोनों विभिन्न कमरों में रहते हैं लेकिन रात को तस्वीर अलग रहती थी और हनीप्रीत राम रहीम के कमरे में चली जाती थी। श्री गुप्ता ने कहा कि इतना सब होने के बावजूद राम रहीम हमेशा यही कहता था कि हनीप्रीत उसकी बेटी है और उसकी सेवा कर रही है। उसने कहा,” मेरी आंखे तब खुलीं, जब मैंने दोनों को एक बिस्तर पर आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया।”

उसने कहा,” जब मैंने अपनी आंखों से ये सारा नजारा देख लिया तो इसका विरोध करना शुरू किया। इसके बाद राम रहीम ने मुझे जान से मारने की धमकी दी। यहीं नहीं मेरे परिजनों के विरुद्ध दहेज का मामला भी दर्ज कराया गया और मुझे जेल भी जाना पड़ा। जेल में भी मुझ पर हमला हुआ। उसने यह भी आरोप लगाया कि यह सब खेल राम रहीम ने ही कराये। उसने कहा कि वह अपनी जान का जोखिम उठाकर ये बातें कह रहा है। उसने हनीप्रीत से 2014 में माफी मांगी तब जाकर उसके खिलाफ सारे मुकदमे वापस किये गये। संवाददाता सम्मेलन के दौरान एक बार श्री गुप्ता अपनी बात कहते-कहते काफी भावुक भी हो गये।