अब इसे लोकतंत्र की खूबसूरती ही कहा जायेगा, जिनके खिलाफ सांसद धरने पर बैठे थे। उनको ही सुबह सुबह चाय पिलाने राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह वहां पहुंच गए। बता दें कि हरिवंश जी पहले पत्रकार भी रह चुके हैं। शायद बड़प्पन इसी को कहते हैं। लेकिन जो धरने पर थे उन्होंने चाय पीने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि सांसदों के दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर एक दिन का उपवास रखेंगे, उन्होंने इसके लिए एक पत्र लिखा और कहा कि “मैं सांसदों के राज्यसभा में किए व्यवहार से आहत हूँ” लेकिन हरिवंश जी इन सब बातों को भुलाकर सुबह खुद ही निलंबित व धरने पे बैठे सांसदों के लिए चाय भी ले के पहुँच गए। शायद यही व्यक्ति विशेष की सबसे बड़ी खूबी होती है। जो लोगों को जोड़ने का काम करते हैं।







