आईआईटी मद्रास के छात्रों ने तकनीकी शिक्षा में नवाचार कार्यक्रम के तहत यह मशीन बनाई है, जिससे मच्छरों से आसानी से मुक्ति पाई जा सकती है। यह विश्व की अपनी तरह की पहली मशीन है और इसका नाम ‘बोगोर्चिट’ है
नई दिल्ली, 22 जनवरी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के छात्रों ने मच्छरों और कीट-पतंगों से निजात दिलाने के लिए एक अनोखी मशीन का विकास किया है। इस मशीन से खास तरह की तरंगें निकलती हैं, जिससे आकर्षित हो कर मच्छर मशीन की ओर आकर्षित होते हैं और कैद हो जाते हैं।
आईआईटी मद्रास के छात्रों ने तकनीकी शिक्षा में नवाचार कार्यक्रम के तहत यह मशीन बनाई है, जिससे मच्छरों से आसानी से मुक्ति पाई जा सकती है। यह विश्व की अपनी तरह की पहली मशीन है और इसका नाम ‘बोगोर्चिट’ है। इस मशीन को सात सदस्यीय टीम ने बनाया है। आईआईटी मद्रास रिसर्च पार्क में तैयार इस मशीन को फिलहाल बाजार में नहीं उतारा गया है। इसे फिलहाल ऑर्डर पर बनाया जा रहा है। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बीते दिनों इस रिसर्च पार्क के दौरे के दौरान इस मशीन का अवलोकन किया। उन्होंने इसे बेहद उपयोगी बताते हुए इसे विकसित करने वाले छात्रों को भी बधाई दी।
इस मशीन की कीमत केवल दो हजार रुपये है और इसके साथ इसमें उपयोग होने वाले चार रिफिल मुफ्त दिए जाते हैं, जो एक साल तक चलेगें। यह मशीन बिजली से चलती है और दो घंटे जलने पर यह धीरे-धीरे आसपास के मच्छरों को पकड़ लेती है। इस मशीन की खासियत यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाला रिफिल जहरीला नहीं है। इसमें से निकलनेवाली तरंगों से आकर्षित होकर ये मच्छर इसमें लगे एक नेट यानी जाली में फंस जाते हैं और उनके एंटीना टूट कर गिर जाते हैं। इसके कारण मच्छर उड़ नहीं पाते। जाली के ढक्कन को हटा कर इन मच्छरों को साफ कर दिया जा सकता है।







