Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, June 25
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»करियर

    UPSC: यूपीएससी में हिंदी का बढ़ता दबदबा

    ShagunBy ShagunMay 27, 2023Updated:May 27, 2023 करियर No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 877

    आर के सिन्हा

    संघ लोक सेवा आयोग ( यूपीएससी) की साल 2022 के परीक्षा के नतीजों का गहराई से विश्लेषण हो रहा है। यह हर साल होता ही है नतीजे आने के बाद। पर इस तरफ कोई चर्चा नहीं हो रही कि इस बार सफल हुए अभ्यार्थियों में हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वालों का आंकड़ा शानदार रहा है। यह पिछले 20-25 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ परिणाम है। इस बार हिंदी माध्यम से कुल 54 उम्मीदवारों का चयन हुआ हैं, जिनमें रैंक 66,85,89,105 और 120 प्रमुख हैं।

    यूपीएससी द्वारा आयोजित इस परीक्षा में हिंदी माध्यम के विद्यार्थी पिछले कुछ सालों से लगातार अपेक्षित नतीजे नहीं दे पा रहे थे। चाहे बात चयनित विद्यार्थियों की हो या टॉप रैंक की, हिंदी माध्यम हमेशा से संघर्ष करता रहा है। इसलिए कहा जाने लगा था कि हिंदी माध्यम से देश की इस सबसे खास परीक्षा को उत्तीर्ण करना लगभग असंभव है। लेकिन इस साल 2022 के परिणाम बेहतरीन रहे हैं। ये एक तरह से बेहतर भविष्य की उम्मीद पैदा कर रहे हैं। पिछले साल आए 2021 के परिणाम में हिंदी माध्यम वाले 24 उम्मीदवार सफल हुए थे। यानी हिंदी का ग्राफ धीरे-धीरे सुधर रहा है। हिंदी माध्यम की टॉपर 66वीं रैंक हासिल करने वाली कृतिका मिश्रा कानपुर की रहने वाली हैं। दिव्या तंवर ने इस बार 105वीं रैंक हासिल की है।

    2021 बैच में भी दिव्या ने 438वीं रैंक हासिल की थी और सबसे कम उम्र ( सिर्फ 22 साल) की आईपीएस चुनी गई थीं। अब वह आईएएस हो गई हैं। दरअसल इस बार के नतीजों में सबसे खास बात यह है कि हिंदी के माध्यम से परीक्षा देने वाले 54 उम्मीदवारों में से 29 ने वैकल्पिक विषय के रूप में हिंदी साहित्य लेकर यह कामयाबी हासिल की है। पांच- पांच उम्मीदवार ऐसे भी सफल हुए जिन्होंने इतिहास, भूगोल व राजनीति विज्ञान विषय लिया था। दो छात्रों ने गणित विषय लेकर हिंदी माध्यम से सफलता हासिल की, जिनमें से एक ने 120वीं रैंक हासिल की है। अगर बात पिछले साल की जारी रखें तो राजस्थान के रवि कुमार सिहाग 18वीं रैंक के साथ हिंदी मीडियम से परीक्षा देने वालों में टॉपर बने थे। सात साल के बाद हिंदी माध्यम का कोई छात्र यूपीएससी पास करने वाले शीर्ष 25 उम्मीदवारों में जगह बना पाया था।

    Image

    इससे पहले सिविल सेवा की 2014 की परीक्षा में निशांत कुमार : जैन 13वें स्थान पर रहे थे। मैं आगे बढ़ने से पहले बताना चाहता हूं कि भारत के पूर्व विदेश सचिव शशांक संभवतः देश के हिंदी माध्यम से यूपीएससी की परीक्षा को क्लीयर करने वाले पहले उम्मीदवार थे। वे भारत के बहुत सफल विदेश सचिव के रूप में याद किए जाते हैं। इसी तरह से दिल्ली पुलिस के आला अफसर अजय चौधरी ने भी हिंदी को यूपीएससी में परीक्षा देने का माध्यम बनाया था। वे दिल्ली पुलिस के धाकड़ पुलिस रहे हैं। देखिए, इस बेहतर परिणाम में सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी के लिये कोचिंग देने वाले दृष्टि आईएएस संस्थान का विशेष योगदान है।

    Image
    इशिता किशोर गौतम को 2023 में आईएएस बनने पर मिली बधाई

    इस बार हिंदी माध्यम से चयनित 54 से अधिक विद्यार्थी परीक्षा के किसी न किसी स्तर पर दृष्टि संस्थान से जुड़े रहे हैं। यहां के प्रमुख विद्वान डॉ. विकास दिव्यकीर्ति कहते हैं कि हमने कुछ साल पहले हिंदी माध्यम के परिणाम को सुधारने के लिए कई पहलों की शुरुआत कर दी थी। जैसे कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को दिल्ली में रहने और पढ़ने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्मिता नाम से एक कार्यक्रम शुरू किया है। इसके अलावा परिणाम में सुधार करने के लिए हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को विशेष तौर पर मेटरशिप और लाइब्रेरी की सुविधा भी दी जा रही है। इन्हीं तमाम प्रयासों का परिणाम रहा है कि आज इतना बेहतर हो सका है और उम्मीद है कि परिणाम भविष्य में और बेहतर हो सकेगा। बहरहाल, अभी कहना थोड़ी जल्दी ही होगी कि यूपीएससी पैटर्न में 2013 में हुए बदलाव के बाद, हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले श्रेष्ठ प्रदर्शन करने लगे। यह भी कहा जा रहा है कि इस बार के परिणाम, बदलाव के बाद के सालों में बेहतर है, लेकिन यह अपवाद भी हो सकता है।

    Image
    यूपीएससी टॉपर निगाह

    अगर बात हिंदी से हटकर करें तो जो अभ्यार्थी आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और अन्य सेवाओं में जाएंगे उनसे देश को अनेक उम्मीदें रहेंगी। उनसे पहली अपेक्षा तो यही होगी कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार के जनकल्याण के कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाएं। देखिए, सरकार की तरफ से आने वाली योजनाओं को लागू करने का काम तो अफसरों पर ही निर्भर होता है। उन्हें यह देखना होता है कि सरकारी कार्यक्रम सही से लागू हों । इस मोर्चे पर बहुत से अफसर निकम्मे ही साबित होते हैं। पर, सरकार को अपने ईमानदार अफसरों के साथ हमेशा खड़ा होना होगा। कई बार ईमानदार अफसरों को जान से भी हाथ धोना पड़ा है। आपको याद होगा कि कुछ साल पहले चंडीगढ़ से सटे खरड़ शहर में जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी में अधिकारी नेहा शौरी की उनके दफ्तर में गोली मार कर हत्या कर गई थी।

    Image

    उस केस ने सत्येंद्र दुबे और मंजूनाथ जैसे ईमानदार सरकारी अफसरों की नृशंस हत्यायों की यादें ताजा कर दी थीं। नेहा शौरी एक बेहद मेहनती और ईमानदार सरकारी अफसर थीं। बेईमानों को छोड़ती नहीं थीं। इसका खामियाजा उन्हें जान देकर देना पड़ा। नेहा से पहले सत्येंद्र दुबे हों, मंजूनाथ या अशोक खेमका, इन्हें ईमानदारी की भारी कीमत अदा करनी पड़ी थी। सत्य के साथ खड़ा होने वाले अफसरों का सरकार को साथ देना होगा। हरियाणा कैडर के आईएएस अफसर अशोक खेमका की आप बीती से कौन वाकिफ नहीं है? उन्हें न जाने कितनी बार यहां से वहां किया जाता रहा क्योंकि वे रिश्वतखोर अफसर नहीं हैं और क्योंकि, वे सदा सच के साथ खड़े होते रहे हैं।

    दरअसल कड़वी दवा और कड़क ईमानदार अफसर को कम लोग ही पसंद करते हैं। ज्यादातर लोगों को बिकने वाले सरकारी बाबू चाहिये जो उनके हिसाब से काम करे। बहरहाल, यूपीएससी की परीक्षा में हिंदी के माध्यम से सफल हुए सभी उम्मीदवारों को अलग से बधाई । उनसे उम्मीद तो यही रहेगी कि वे शशांक जी और अजय चौधरी जैसे बेहतरीन अफसरों के रूप में अपने को साबित करेंगे।

    Shagun

    Keep Reading

    A World Drifting Towards Loneliness: Questions About the Institution of Family

    अकेलेपन की ओर बढ़ती दुनिया: परिवार की संस्था पर सवाल

    मुंबई में तोड़फोड़ की राजनीति: शिवसेना का दूसरा टूटना

    WPU Goa Shows the Way Forward in the Age of AI

    एआई के युग में डब्लूपीयू गोवा का अनोखा ‘ट्रांसडिसिप्लिनरी’ मॉडल

    Shared heritage gave the country 'Amrit' (nectar), while extremism is spreading 'poison'!

    साझी विरासत ने देश को दिया ‘अमृत’ तो कट्टरपंथ दे रहा ‘ज़हर!’

    Idli. For just one rupee—not a bad deal!

    इडली. सिर्फ एक रुपए में, सौदा बुरा नहीं !

    पीओके में भीतरी बगावत बनी पाकिस्तान के लिए सबसे गंभीर चुनौती

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Defeating cyber adversaries with the power of AI! Kratical Tech's blockbuster IPO on June 30.

    एआई की ताकत से साइबर दुश्मनों को मात! क्राटिकल टेक का 30 जून को धांसू IPO

    June 24, 2026
    Monsoon arrives! Weather in UP to change in 3-4 days; major relief from heat and humidity expected.

    मानसून की दस्तक! UP में 3-4 दिनों में बदलेगा मौसम, गर्मी-उमस से मिलेगी बड़ी राहत

    June 24, 2026
    A World Drifting Towards Loneliness: Questions About the Institution of Family

    अकेलेपन की ओर बढ़ती दुनिया: परिवार की संस्था पर सवाल

    June 24, 2026
    Shocking revelation of bonded labor in Muzaffarnagar: 12 workers rescued from the jaws of death; 2 arrested.

    मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी का सनसनीखेज खुलासा: 12 श्रमिकों को मौत के मुंह से बचाया, 2 गिरफ्तार

    June 24, 2026

    AI के विस्तार को लेकर CTO का विश्वास लगातार तीसरे साल कमजोर पड़ा: अक्कोडिस रिपोर्ट

    June 23, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading