- बेसिक शिक्षा मंत्री श्रीमती अनुपमा जायसवाल ने निदेशक बेसिक शिक्षा से अविलम्ब तलब की रिपोर्ट
- संघर्ष समिति संयोजको ने माननीया बेसिक शिक्षा मंत्री के लिखित आदेश को निदेशक बेसिक शिक्षा कार्यालय को सौपा
जनपद अम्बेडकर नगर में लगभग 401 दलित शिक्षकों का मूल वेतन मनमाने तरीके से कम किये जाने एवं जनपद प्रतापगढ़ में लगभग 200 दलित शिक्षकों का वेतन फ्रीज किये जाने के मुद्दे पर आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति,उ0प्र0 के प्रमुख संयोजक अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में अन्य संयोजकों आर0पी0 केन, अनिल कुमार, अजय कुमार्र ने पुनः बेसिक शिक्षा मंत्री श्रीमती अनुपमा जायसवाल से सचिवालय में मुलाकात की और एक ज्ञापन सौपा, जिस पर बेसिक शिक्षा मंत्री द्वारा अविलम्ब संघर्ष समिति के ज्ञापन पर ही निदेशक, बेसिक शिक्षा,उ0प्र0 से शीघ्र रिपोर्ट तलब की है। संघर्ष समिति संयोजको ने माननीया बेसिक शिक्षा मंत्री द्वारा जारी लिखित आदेश को निदेशक, बेसिक शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध करा दिया।
गौरतलब है कि आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति द्वारा इस मुद्दे पर 10 दिन पहले भी बेसिक शिक्षा मंत्री से मुलाकात की गई थी उसके बावजूद भी दलित शिक्षकों को न्याय न मिलने के विरोध आज पुनः मुलाकात की गई है। जिस पर माननीया मंत्री महोदया द्वारा मामले की गम्भीरता को देखते हुये कहा गया कि जल्द दलित शिक्षकों को न्याय दिलाया जायेगा। किसी भी दलित शिक्षक का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति के संयोजको ने कहा कि पूरे प्रदेश में लगभग 90 प्रतिशत दलित शिक्षकों की पदोन्नति आरक्षण अधिनियम-1994 की धारा 3(2) के तहत की गई है, नियमतः प्रदेश के सभी जिलों में दलित शिक्षकों को सातवाॅ वेतनमान मिल जाना चाहिये लेकिन आरक्षण विरोधी मानसिकता से ग्रसित प्रदेश के अनेकों जिलों मे ंजिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों व वित्त एवं लेखाधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से दलित शिक्षकों का उत्पीड़न करने के लिये उनका वेतन कम किया जा रहा है और अनकों जगह फ्रीज किया जा रहा है, जो पूरी तरह असंवैधानिक है।
संलग्नक-संघर्ष समिति के ज्ञापन पर माननीया मंत्री का आदेश।







