मुंबई, 29 मार्च। अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलने वाली देश की पहली बुलेट ट्रेन का काम काफी तेजी से चल रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बुलेट ट्रेन के रास्ते में आने वाले पुलों और सुरंगों की डिजाइनिंग के काम की अच्छी प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था, जिसके 2022 तक पूरा होने का अनुमान है।
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (एनएचएसआरसी) के एमडी अचल खरे ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम कर रहे दिल्ली, मुंबई और जापान के इंजीनियरों ने पुलों, सेतुओं और सुरंगों की करीब-करीब 80 प्रतिशत डिजाइनिंग पूरी कर दी है। प्रस्तावित रेल कॉरिडोर मुंबई में बांद्रा-कुर्ला (बीकेसी) से शुरू होकर अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन पर खत्म होगा।
उन्होंने बताया कि रूट का सर्वे और मिट्टी की जांच का काम चल रहा है। साथ ही दोनों राज्यों में भूमि अधिग्रहण का प्राथमिक कार्य शुरू हो चुका है। रूट महाराष्ट्र के 108 गांवों से गुजरेगा। इनमें ज्यादातर गांव पालगढ़ जिले के हैं। हमने 17 गावों में जमीन अधिग्रहण के नोटिस जारी कर दिए और जमीन मालिकों को इसकी जानकारी दे दी है। उन्होंने बताया, जो भी जमीन देंगे, उन्हें बाजार दर से ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा। जो नहीं देंगे, उनकी जमीन लैंड एक्विजिशन एक्ट, 2013 की धारा 19 के तहत अधिगृहीत कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एनएचएसआरसी ने इस उद्देश्य के लिए 10 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। पूरा प्रॉजेक्ट आग और भूकंपरोधी होगा। भूकंप संभावित क्षेत्रों में सिस्मोमीटर्स लगाए जाएंगे। साथ ही विंड मॉनिटर सिस्टम्स भी लगाए जाएंगे। बुलेट ट्रेन की स्पीड हवा की चाल पर निर्भर करेगी और हवा की गति प्रति सेकंड 30 मीटर रहने पर ट्रेन का संचालन बंद कर दिया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि ट्रेन 320 सेकेंड में 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेगी और इस समय तक यह 18 किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी होगी। व्यस्त घंटों में तीन ट्रेन और कम व्यस्त घंटों में दो ट्रेन चलाने की योजना होगी।
उन्होंने कहा, हम दो तरह का ट्रेन परिचालन करेंगे। कुछ ट्रेनें सीमित स्टेशनों पर रुकेंगी, जबकि कुछ ट्रेनें मुंबई और साबरमती के बीच सभी स्टेशनों पर रुकेंगी। हमारे अनुमान के मुताबिक एक दिन में कुल 70 फेरे (एक ओर से 35 फेरे) लगेंगे और प्रति दिन 40 हजार यात्री यात्रा करेंगे।







