पुरानी तकनीक पर आधारित स्मार्ट मीटर की खरीद से फिर होगा पूरा सिस्टम होगा फेल, ईईएसएल एक साल से कर रहा खेल फिर भी पावर कार्पोरेशन क्यों है चुप: उपभोक्ता परिषद
लखनऊ, 14 अगस्त, 2020: यूपी प्रदेश में खरीदे जा रहे लगभग 40 लाख स्मार्ट मीटर जिसकी कुल प्रोजेक्ट लागत लगभग 1927 करोड है। जिसकी पुरानी टेक्नोलाजी 2 जी और 3 जी को लेकर हो रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है पुरानी टेक्नोलाजी के बजाय 4 जी टेक्नोलाजी अथवा उसके समकक्ष उच्च टेक्नोलाजी एन0 बी0 आई0 वो0 टी0 {नैरोबैंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स } संचार तकनीकी पर आधारित स्मार्ट मीटर प्रदेश में कब लगाए जायेगे, क्योंकि भविष्य में 2 जी और 3 जी स्मार्ट मीटर प्रचलन से बहार हो जाएगी।
स्मार्ट मीटर के इस पूरे मामले पर उपभोक्ता परिषद के एक जनहित प्रत्यावेदन पर नियामक आयोग ने एक वर्ष पहले प्रबंध निदेशक पावर कार्पोरेशन से रिपोर्ट तलब किया था जिसमे उपभोक्ता परिषद् ने कहा था प्रदेश में लग रही पुरानी तकनीकी मीटर 2020 के बाद प्रचलन से बहार होने की पूरी संभावना है इसके बावजूद भी अभी तक उच्च तकनीकी आधारित मीटर क्यों नहीं आये जबकि आयोग के जबाब तलब के बाद पावर कारपोरेशन के निदेशक वाणिज्य श्री ए के श्रीवास्तव ने दिसम्बर 2019 में उपभोक्ता परिषद् के प्रत्यावेदन और आयोग की जबाब तलबी को आधार बना कर एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि0 ( ईईएसएल ) प्रबंध निदेशक को यह निर्देश दिये गये थे की भविष्य में उच्च तकनीकी एनबीआईवोटी संचार तकनीकी पर आधरित मीटर दिए जाय यह तकनीकी मशीन से मशीन के बीच डाटा कमन्यूकेशन की सबसे उच्च तकनीकी है। और 4 जी टेक्नोलाजी के संतुलय है इसके बाद पावर कार्पोरेशन चुप रहा और ईईएसएल आज भी पूरे प्रदेश में पुरानी तकनीकी आधारित मीटर लगवाने में जुटा है।
उपभोक्ताओ की बत्ती गुल हो जाना ये अपने आप में बड़ा सवाल ?
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि कभी स्मार्ट मीटर जंपिंग कभी लाखो स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ की बत्ती गुल हो जाना ये अपने आप में बड़ा सवाल है अगर किसी दिन यह पुरानी तकनीकी फैल हो गयी फिर इस प्रदेश का क्या होगा जो हजारो स्मार्ट मीटर कल तक नहीं चालू हो पाये थे और कुछ उपभोक्ता आज भी स्मार्ट मीटर चालू होने को लेकर परेशान रहे उसका मुख्य कारण मीटर के रिले व कमुनिकशन डिवाइस के बीच हैंगिंग क्यों की स्मार्ट मीटर में लगे सिम को जब निकला कर दोबारा लगाया गया तो सप्लाई चालू हो गई इसका एक बहुत बड़ा कारण 2 जी आधारित टेक्नोलाजी स्मार्ट मीटर भी है अभी भी समय है पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को इस मामले पर गम्भीरता से निर्णय लेकर ईईएसएल को नोटिस जारी करना चाहिए की अब प्रदेश में उच्च तकनीकी आधारित स्मार्ट मीटर ही लगाये जायेगे ।







