ऊर्जा मंत्री ने उच्च स्तरीय जाँच के दिए निर्देश, कहा कि कोई भी दोषी नहीं बक्शा जायेगा दोषी होने पर जीनस मीटर कंपनी होगी ब्लैकलिस्ट
यूपी में स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता पर उठे सवालों से सरकार सकते में है। दरअसल कल जिस तरह से स्मार्ट मीटर में खराबी आने की वजह से यूपी के कई जिले घंटों अँधेरे में डूब गए, उससे स्मार्ट मीटर की क्वालिटी सवालों के घेरे में हैं। उत्तर प्रदेश में आज इस मामले पर राजनीति गरमा गयी। उपभोक्ता परिषद ने इस मामले में ऊर्जामंत्री को लिखित शिकायत देकर कहा स्मार्ट मीटर निर्माता कंपनी को तत्काल ब्लैकलिस्टेड किया जाए और इसके साथ पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक को भी तत्त्काल प्रभाव से बर्खास्त करें।
बता दें कि पूरे प्रदेश में लाखो स्मार्ट मीटर बंदी के मामले को लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा से शक्ति भवन में मुलाकात कर एक जनहित लोक महत्व प्रस्ताव सौपते हुए यह मुदा उठाया कि उपभोक्ता परिषद् लगातार जीनस कंपनी व अन्य कंपनी द्वारा घटिया क्वालिटी के स्मार्ट मीटर लगाने का मुदा आपके सामने उठा रहा है स्मार्ट मीटर भार जंपिंग में आपके निर्देश पर बनी कमेटी की रिपोर्ट आज भी लंबित है । उपभोक्ता परिषद इस मामले की शिकायत लगातार कर रहा था, उपभोक्ता परिषद का कहना है कि यदि पहले ही कठोर कार्यवाही की गयी होती तो आज ये घटना न होती। उन्होंने कहा कि एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि0 ( ईईएसएल ) की भूमिका संदिग्ध है ईईएसएल प्रबंध निदेशक को बर्खास्त कराया जाय।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पूरे मामले पर गम्भीरता से चर्चा की और उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वाशन दिया कि सरकार इस मामले पर बहुत गंभीर है उचस्तरीय जाँच के आदेश दे दिए गये है कोई दोषी बक्शा नहीं जायेगा।
बता दें कि निदेशक वाणिजय पावर कार्पोरेशन को अब स्मार्ट मीटर के मामले में नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिससे पावर कार्पोरेशन के उच्चाधिकारियो की भी आगे जबाबदेही तय हो मीटर निर्माता कंपनी के खिलाफ भी जाँच के बाद कठोर कार्यवाही होगी दोषी पाये जाने पर ब्लैकलिस्टिंग की कार्यवाही की जाएगी हर स्तर पर जाँच होगी आगे पावर कारपोरेशन में सघन मॉनीटरिंग के लिए एक बैकप कंट्रोल रूम भी बनाया जायेगा ।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा सिस्टम में कोई सिक्योरटी क्यों नहीं थी जो मॉल फंक्शन को रोक सके मीटर सॉफ्टवेयर ने कैसे गलत कमांड लिया आज 10 लाख स्मार्ट मीटर बंद होने का मामला है यदि पूरे प्रदेश में 3 करोड़ उपभोक्ताओ के यहाँ स्मार्ट मीटर लग गये होते और ऐसी बंदी होती तो आज ग्रिड फैल होना तय था ऐसे में जीनस कंपनी को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाया।
उन्होंने कहा कि यह कहना कि एक कमांड गलत हो गया और मीटर बंद हो गये तो ऐसे में एक ही कमांड से सब मीटर चालू हो जाने चाहिए थे। अभी सुबह तक 2 हजार मीटर चालू हो नहीं पाये थे इसलिए इस प्रकार की प्रबंधन द्वारा बयानबाजी ठीक नहीं । पता यह भी चल रहा है की भार जंपिंग लगातार हो रही थेी उसको रोकने के लिए ईईएसएल जीनस ने बिना अनुमति के कोई सॉफ्टवेयर सिस्टम पर डाला गया जिससे सिस्टम इरॉटिक बिहैवियर करने लगा जिससे ऐसा होना मुमकिन है इसकी भी जाँच हो ।
उन्होंने कहा कि पता यह भी चल रहा है जीनस मीटर कंपनी के अंदर चीन की निर्मित चिप लगी है जैसा सामने आ रहा है इसकी भी जाँच हो ! तत्काल स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगवाई जाय जब तक सत्ययता सामने न आये । आपके निर्देश पर सॉफ्टवेयर व मीटर की जाँच दिल्ली की जिस लैब में महीनो से चल रही उसका क्या खेल अभी तक रिपोर्ट नहीं आयी। सभी 10 लाख उपभोक्ता जो बिल नहीं जमा करते उनकी बिजली काटने पर आरसी डीसी उपभोक्ता से फीस 708 रुपए वसूल होती है ऐसे मे सिस्टम की गड़बड़ी से बिना उपभोक्ता की गलती से बिजली बंद हुई ऐसे में सभी 10 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ को कुल लगभग 71 करोड़ रुपया ईईएसएल से लेकर वापस कराया जाय और उपभोक्ता को मुवावजा 100 रुपए के हिसाब 10 करोड़ भी दिलाया जाय । यह भी जाँच का विषय है की कही मीटर का कोई डाटा या रीडिंग गायब तो नहीं हुई या जम्प की या काम हुई।
उन्होंने कहा कि सभी 10 लाख उपभोक्ता जो बिल नहीं जमा करते उनकी बिजली काटने पर आरसी डीसी रेकनेक्सशन डिस्कनेक्शन उपभोक्ता से फीस 708 रुपए वसूल होती है जिसमे 18 प्रतिशत जीएसटी भी शामिल है वैसे आरसी डीसी फीस रुपया 600 है ऐसे मे सिस्टम की गड़बड़ी से बिना उपभोक्ता की गलती से बिजली बंद हुई ऐसे में सभी 10 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ को कुल लगभग 71 करोड़ रुपया ईईएसएल से लेकर दिया जाय और उपभोक्ता को मुवाजा 100 रुपए के हिसाब 10 करोड़ भी ईईएसएल से दिलाया जाय।







