नई दिल्ली, 05 अप्रैल। दिल्ली से नोएडा रोजाना सफर करने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अच्छी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई तक दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाले दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट फ्लाइवे को टोल फ्री रखने का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कैग की रिपोर्ट को अपने संज्ञान में लेते हुए मामले की सुनवाई जुलाई में करने की बात कही।
गौरतलब है कि, बीते 13 फरवरी को संबंधित वकील के अनुपस्थिति रहने के चलते सुप्रीम कोर्ट ने 6 हफ्तों के लिए सुनवाई टाल दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टोल टैक्स को रद्द किया था, जिसके बाद नोएडा टोल ब्रिज कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती दी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने सीएजी से पूछा था कि फ्लाइवे बनाने में कितना खर्च आया और कंपनी अब तक कितना टोल टैक्स वसूल चुकी है। कोर्ट ने सीएजी को 8 हफ्तों में अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। सीएजी ने कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपी थी। कोर्ट ने सीएजी की रिपोर्ट टोल कंपनी समेत सभी पक्षकारों को देने का निर्देश दिया था और कहा कि हमें नहीं लगता कि इस रिपोर्ट को सीलबंद रखना चाहिए।
टोल कंपनी की ओर से मुकुल रोहतगी ने कहा था कि कंपनी को रोजाना 50 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है इसलिए ममले की जल्द सुनवाई हो। इससे पहले कंपनी ने कोर्ट को बताया था कि उन्होंने 1135 करोड़ रुपए खर्च किए हैं जबकि उनकी कमाई अभी तक सिर्फ 1103 करोड़ की हुई है। इसपर कोर्ट ने कहा था कि आपके सिर्फ 32 करोड़ रुपए बकाया निकलते हैं। फरवरी में कैग की रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी को फटकार लगाते हुए पूछा था कि आप किसके साथ हैं, कंपनी के साथ या हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करनेवाले के साथ। तब नोएडा अथॉरिटी की तरफ से बताया कि अभी उनका कोई अधिकारी कोर्ट रूम में मौजूद नहीं है। कोर्ट ने कहा कि क्या आपके अधिकारी मामले को लेकर गंभीर नहीं हैं। इसके बाद कोर्ट ने 6 हफ्तों के लिए सुनवाई टाल दी थी।







