प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय बांग्लादेश के दौरे को सीधे बंगाल चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। उनको बंगबंधु की जन्मशताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया था।पीएम मोदी इस दौरे में सुगंधा शक्तिपीठ और ओरकांडी मंदिर सरीखे धार्मिक स्थल पर भी गए। बता दें कि बरीसाल जिले में सुगंधा शक्तिपीठ को 51 शक्तिपीठ की देन है। ये हिंदुओं की आस्था से जुड़ा हुआ केंद्र है। ओरकांडी मंदिर मतुआ महासंघ के संस्थापक हरिचंद्र ठाकुर की है, जिन्हें मानने वालों की बड़ी तादाद पश्चिम बंगाल में रहती है। प्रधानमंत्री मोदी कुसतिया में रविंद्र कुटी बारी भी गए। बंगाल के मतुआ समुदाय के लोग हरिचंद्र ठाकुर को भगवान का अवतार मानते हैं।

बड़ी आबादी है बंगाल में मतुआ समुदाय की :
दरअसल, बांग्लादेश की आजादी से पहले वहां की बड़ी आबादी पश्चिम बंगाल आ गई थी। इसमें मतुआ समुदाय शामिल है। बंगाल में मतुआ समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। ये राज्य की कुल अनुसूचित जाति का पांचवां हिस्सा है। साल 2011 की जनगणना के मुताबिक बंगाल में अनुसूचित जाति की 23.51 फीसदी है। राज्य में 294 विधानसभा सीटों में से 21 सीटों पर मतुआ मतदाताओं का भारी प्रभाव है। साल 1947 के बंटवारे के बाद जब लोग आए तो वह पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और नदिया में आ कर बसे।
नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में मतुआ मंदिर में की पूजा करने के बाद कहा कि मैं आज वैसा ही महसूस कर रहा हूं,जो मेरे लाखों भाई बहन ओराकांडी आकर महसूस कर हैं। भारत बांग्लादेश के ओराकांडी में ओराकांडी में एक मिडिल स्कूल को आधुनिक मिडिल व प्राथमिक स्कूल खोलेगा। ओरकांडी में ही मतुआ समुदाय के अध्यात्मिक गुरु हरिचंद ठाकुर का जन्म हुआ था। हरिचंद गुरुचंद मंदिर में पूजा की जहां उनका स्वागत स्थानीय परंपरा के मुताबिक,धाक,शंख और उलू’से किया गया।







