चेन्नई, 03 अप्रैल। कावेरी जल विवाद के मुद्दे पर तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्र सरकार पर कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन को लेकर दबाव बनाने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी और डिप्टी सीएम पनीरसेल्वम भूख हड़ताल पर बैठ गये हैं। कावेरी मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ दल के फैसले को पर द्रमुक पार्टी के एम के स्टालिन अन्नाद्रमुक सरकार पर लगातार हमलावर रहे हैं। वह इससे पहले पलानीस्वामी पर इस मुद्दे को लेकर नाटक करने का आरोप लगा चुके हैं।
इससे पहले सोमवार को तमिलनाडु सरकार की जल्द सुनवाई की मांग पर सीजेआई दीपक मिश्रा ने कहा कि हम तमिलनाडु की परेशानी समझते हैं। हम देखेंगे कि तमिलनाडु को उसके हिस्से का पानी मिले और हम मुद्दे का हल निकालेंगे।
गौरतलब है कि तमिलनाडु में विपक्षी दल द्रमुक के दो कार्यकर्ताओं ने उच्चतम न्यायालय के16 फरवरी के फैसले के मुताबिक जल्द से जल्द कावेरी प्रबंधन बोर्ड के गठन की मांग को लेकर चल रहे राज्यव्यापी आंदोलन के दौरान कोयंबटूर में कथित रुप से आत्मदाह का प्रयास किया। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने कावेरी नदी के पानी में तमिलनाडु का हिस्सा घटा दिया था लेकिन उसने राज्य में पेयजल की जरुरत को पूरा करने के लिए नदी बेसिन से 10 टीएमसी फुट भूजल निकालने की इजाजत दी थी।







