- कांग्रेस ने कहा: कागजात नष्ट कर सकती है सरकार
- भाजपा ने कहा: राबर्ट वाड्रा और उनके दोस्त संजय भंडारी को बिचौलिया न बनाने की वजह से विवाद खड़ा कर रही कांग्रेस
नई दिल्ली, 25 सितम्बर 2018: राफेल सौदे पर कांग्रेस और भाजपा में जोरदार घमासान जारी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर कटघरे में खड़ा करते हुए फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के उस साक्षात्कार का वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राफेल लड़ाकू विमान सौदे में ऑफसेट पार्टनर के लिए अनिल अंबानी की कंपनी का नाम भारत सरकार ने सुझाया था। राहुल ने अपने ट्विटर पर इस वीडियो को ‘भारत के चोरों के सरदार की दुखद सच्चाई’ शीर्षक के साथ पोस्ट किया है। इसमें हालांकि मोदी के नाम का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है।
कांग्रेस ने राफेल सौदे पर केंद्रीय सतर्कता आयुक्त से कहा कि एफआईआर दर्ज करके इस सौदे से संबंधित समस्त कागजात अपने कब्जे में ले लें अन्यथा सरकार अपने बचाव में इन्हें नष्ट कर सकती है। पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीवीसी को बताया कि यह देश का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा घोटाला है जिसमें रक्षा सामग्री खरीदने के लिए डिफेंस पालिसी प्रासिजर का पूरा उल्लंघन हुआ है। इस क्रम में गुलाम नबी आजाद, कोषाध्यक्ष अहमद पटेल, पूर्व मंत्री आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल समेत अन्य नेताओं ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) केवी चौधरी से मुलाकात की।
भाजपा ने कांग्रेस को घेरा:
राफेल सौदा विवाद में घिरी भाजपा ने सोमवार को कांग्रेस को घेरने के लिए एक बड़ा खुलासा किया। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा राबर्ट वाड्रा और उनके मित्र संजय भंडारी को बिचौलिया न बनाने पर कांग्रेस विवाद खड़ा रही है। पार्टी का आरोप है कि इस डील पर विवाद खड़ा करने के पीछे अंतरराष्ट्रीय लॉबी काम कर रही है। भाजपा ने राफेल विमान सौदे में उसके दुष्प्रचार से निपटने के लिए अपने शीर्ष नेताओं की एक विशेष टीम तैयार की है। इसमें रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को भी शामिल किया गया है। यह टीम देश भर में अभियान चलाकर लोगों तक सचाई पहुंचाएगी। इसी कड़ी में पार्टी ने सोमवार को कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को मैदान में उतारा।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के दौरान गांधी परिवार ने राबर्ट वाड्रा और उनके व्यावसायिक सहयोगी संजय भंडारी की रक्षा व्यवसाय से जुड़ी कंपनी को राफेल विमान सौदे में बिचौलिया बनाने का प्रयास किया था लेकिन यह सौदा रद्द हो गया था। उन्होंने सवाल किया कि क्या हथियारों के व्यापारियों के व्यावसायिक हितों की रक्षा के लिए इस सौदे को रद्द किया जाना चाहिए।
गुमराह करने का आरोप :
शेखावत ने कहा राहुल गांधी एक अनलोडेड एयरक्राफ्ट की कीमत की तुलना पूर्ण रूप से लोडेड एयरक्राफ्ट से करके पिछले कई दिनों से देश को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। शेखावत ने कहा कि संप्रग सरकार के दौरान जो सौदा हुआ था उसमें 18 बेयर एयरक्राफ्ट तैयार हालत में आने थे और शेष का निर्माण किया जाना था। ऐसे में एक केवल फ्लाइंग मशीन की तुलना पूर्ण रूप से लोडेड विमान से कैसे की जा सकती है। दूसरी तरफ रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राफेल सौदा पूरी तरह पारदर्शी है और सरकार हर सवाल का धैर्यपूर्वक जवाब देने को तैयार है।







