लखनऊ, 02 अप्रैल 2026 (शगुन न्यूज़ इंडिया): कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित इंडिया स्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन 2025-26 का भव्य समापन समारोह गुरुवार को लखनऊ में उत्साह से भरा माहौल में संपन्न हो गया। देशभर से आए युवा प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर हुनर, नवाचार और उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।
स्किल इंडिया अब जनआंदोलन बन चुका है
केंद्रीय राज्य मंत्री (कौशल विकास एवं उद्यमिता) जयंत चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि स्किल इंडिया मिशन अब केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने युवाओं को निरंतर सीखने का संदेश देते हुए कहा, “सफलता का मूल मंत्र है सतत प्रयास और कौशल को निखारते रहना।”
“हुनर ही असली पहचान है”
विशिष्ट अतिथि कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ (कैबिनेट मंत्री, राजस्थान) ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हुनर ही व्यक्ति की असली पहचान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये युवा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का गौरव बढ़ाएंगे और देश की प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करेंगे।
UP के युवाओं का शानदार प्रदर्शन
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि कौशल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाता है और विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव तैयार करता है। उत्तर प्रदेश के प्रतिभागियों ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
उत्तर प्रदेश के पदक विजेता:
- स्वर्ण पदक: नितिन कुमार (प्रयागराज – Wall & Floor Tiling), सूर्यांश गुप्ता (आगरा – Renewable Energy)
- रजत पदक: सात्विक गोयल (मुरादाबाद – Industrial Design Technology), जुनैद (गाजियाबाद – Carpentry)
- कांस्य पदक: गंभीर सिंह (फर्रुखाबाद – Beauty Therapy), लावण्या शुक्ला (लखनऊ – Graphic Design), शीतल वर्मा (कानपुर – Painting & Decorating)
कौशल, नवाचार और रोजगार का मंच
नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के CEO अरुण कुमार पिल्लई ने कहा कि इंडिया स्किल्स सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि कौशल, समर्पण और उत्कृष्टता का उत्सव है जो युवाओं को रोजगार, सम्मान और आत्मविश्वास दोनों देता है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने प्रदेश के सभी विजेताओं को बधाई दी और उन्हें आगामी वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह में बिहार, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के मंत्री, जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और हजारों युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे। बता दें कि यह समापन न केवल युवाओं के हुनर को सम्मानित करने का अवसर था, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।







