शिकारियों के प्रति की जाय कठोर कार्रवाई: दारा सिंह चौहान

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  • वन्य प्राणियों के प्रति सद्भाव विकसित करना हमारा कर्तव्य – दारा सिंह चौहान
  • वन्य प्राणि सप्ताह की हुई शुरूआत, विद्यालयों में पेंटिंग प्रतियोगिता करवाएगा वन विभाग

लखनऊ, 02 अक्टूबर 2019: वन, पर्यावरण एवं जन्तु उद्यान मंत्री दारा सिंह चौहान ने वन्य प्राणि सप्ताह का शुभारंभ किया। वन विभाग एक सप्ताह तक चलने वाले इस आयोजन में लोगों को वन्य प्राणियों के प्रति प्रेम भाव रखने व उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा।

इस अवसर पर वन मंत्री ने कहा कि वन्य प्राणि प्रेम, अपनत्व, सेवा भावना एवं शत्रुभाव को समझते हैं। वन्य प्राणियों की गतिविधियों का अध्ययन कर उनके प्रति सद्भाव विकसित करना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने वन्य प्राणि सप्ताह के अवसर पर प्रत्येक जनपद में कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों में वन्य प्राणियों के प्रति लगाव उत्पन्न करने हेतु विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर वन्य प्राणियों से सम्बंधित पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन करने का निर्देश दिया।

श्री चौहान ने कहा कि वन्य प्राणी निर्दोष व मूक होते हैं तथा वे तब तक मनुष्यों पर हमला नहीं करते, जब तक कि उन्हें न छेड़ा जाय। इस अवसर पर मंत्री ने विभाग के कार्यालयों की दीवालों पर व्यापक स्तर पर वन्य प्राणियों की तस्वीरें बनाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि इससे वन्य प्राणि सरंक्षण का व्यापक स्तर पर संदेश प्रसारित होगा तथा जन सामान्य वन प्राणि संरक्षण व संवर्धन की दिशा में प्रेरित होंगे। चौहान ने कहा कि मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु वन क्षेत्रों में मुनष्य की गतिविधियों को रोकना आवश्यक है। वन क्षेत्र में स्वच्छन्द विचरण करते हुए वन्य प्राणियों की गतिविधियों के अवलोकन से इनके संरक्षण की भावना विकसित होने में सहायता मिलती है। अत: इको पर्यटन को बढ़ावा देना अत्यंत प्रासंगिक है।

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वन्य जीवों के प्रति अत्याचार मानवता के प्रति अपराध है:

समारोह में वन पर्यावरण एवं जन्तु उद्यान राज्यमंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि वन्य जीवों पर किया गया अत्याचार व अपराध मानवता के प्रति अपराध है। आज पर्यावरण संरक्षण विश्व का सर्वाधिक महत्वपूर्ण मुद्दा है, क्योंकि पर्यावरण नष्ट होने पर मनुष्य जाति ही नष्ट हो जाएगी। उन्होंने वेद पुराण व गीता का उद्धरण देते हुए कहा कि हमारे मनीषियों ने पर्यावरण का महत्व जानते व समझते हुए इनके संरक्षण व संवर्धन को जीवनशैली, परम्परा, संस्कृति व लोक कलाओं का अनिवार्य अंग बनाया। उन्होंने कहा कि जीव जन्तुओं का परिवार भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना हमारा परिवार। प्रत्येक व्यक्ति को वृक्ष एवं वन्य प्राणियों को अंगीकृत करना चाहिए तथा यह संभव न हो पाने की स्थिति में इनके प्रति सद्भाव रखना चाहिए।

शिकारियों के प्रति की जाय कठोर कार्रवाई:

प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, कल्पना अवस्थी ने कहा कि वन्य प्राणियों के लिए भौगोलिक सीमा का बंधन नहीं है तथा उनके भटक कर मानव आबादी में आ जाने पर उन्हें उनकी रक्षा व उन्हें सही स्थान पर पहुंचाना हमारा दायित्व है। मानव वन्य जीव संघर्ष को न्यून करने के लिए वन क्षेत्र के निकटवर्ती गांवों के निवासियों को जागरूक, शिक्षित व प्रशिक्षित कर वन क्षेत्र से बाहर आने वाले वन्य प्राणियों से होने वाली क्षति से बचाने की आवश्यकता है। प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश शासन ने कहा कि वन्य प्राणियों की रक्षा पर चिंतन व मनन करना एवं वन्य प्राणियों को क्षति पहुंचाने एवं उनका शिकार करने वाले अपराधियों के विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाय।

उद्देश्यों के प्रति विस्तार से प्रकाश डाला:

प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव, उत्तर प्रदेश, सुनील पांडे ने वन्य प्राणि सप्ताह के उद्देश्य व पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वन्य प्राणि सप्ताह का उद्देश्य वन्य प्राणियों का पारिस्थितिकी तंत्र में महत्व, संरक्षण की आवश्यकता एवं भविष्य में वन्य प्राणियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हेतु जन सामान्य का ध्यान आकर्षित करना है। विगत एक वर्ष में वन्य प्राणि संरक्षण की दिशा में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वन्य प्राणि संरक्षण हेतु आधुनिक तकनीक व संसाधनों का प्रयोग किए जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

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