निडर विंग कमांडर अभिनंदन की कहानी
यह तो पता ही है कि हमारा एक जांबाज पायलेट अभिनन्दन पकिस्तान के कब्जे में हैं. असल में उनका विमान काश्मीर में नियंत्रण रेखा के बामुश्किल तीन चार किलोमीटर दूर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में गिरा, यह स्थान मुजफ्फराबाद के होरान गाँव के पास हैं। सुबह कोई पौने नो बजे जब अभिनंदन को लगा कि उनका विमान जल रहा है तो वे पेराशूट से कूद गए। जहाज को गिरता देख ग्रामीण एकत्र हो गए। नीचे आ कर पायलेट समझ नहीं पा रहे थे कि वे किस देश में गिरे हैं।

उन्होंने जब स्थानीय लोगों से पूछा कि वे किस तरफ हैं, भारत में या पाकिस्तान में तो कुछ चालाक-शातिर [पाकिस्तानियों ने जुट बोल दिया कि वे भारत में हैं। यह सुन कर अभिनन्दन जोश में कर भारत के पक्ष में नारे लगाने लगे, तभी कुछ उत्पाती युवा उन्हें घेर कर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने लगे, उन्हें समझ आ गया कि वे दुश्मन देश् में फंस गए हैं तो उन्होंने वहाँ से भाग कर निकलने की सोची, कोई एक किलोमीटर दौड़े तो पाकिस्तानी उन पर पत्थर बरसाने लगे।
अभिनन्दन भीड़ देख कर डरे नहीं और उन्होंने अपनी पिस्टल से कई फायर किये और दौड़ते रहे। उन्हें जब लगा कि अब उनका बच पाना मुश्किल है तो अभिनन्दन एक तालाब में कूद गए और अपनी पहचान के दस्तावेज नष्ट करने लगे। तभी स्थानीय निवासियों की बड़ी भीड़ और सुरक्षा बालों ने उन्हें घेर लिया, उनके हथियार छीन कर मारा पीटी की।
अभिनन्दन घबराए नहीं और हर संभव प्रतिरोध किया. उन्हें सेना के वाहन में पचास किलोमीटर भिम्भ्र के सेना केम्प में लाया गया। पाकिस्तानियों ने मनोवैज्ञानिक दवाब बनने के लिए रस्ते में भीड़ एकत्र करवाई जो उनकी सेना की जय जयकार और हमारे अभिनन्दन को गालियाँ दे रही थीं लेकिन हमारा जवान न घबराया और न ही डरा।
सबसे बड़ी बात यह सब बातें पाकिस्तान के अखबार लिख रहे हैं। बाद में उनसे पूछताछ का वीडियो तो सभी ने देखा ही ही है जिसमें वे बेबाक, निडर हो कर पाकिस्तानियों के सवालों के जवाब दे रहे हैं।
अभिनन्दन का अभिनन्दन देश करता है। वे सकुशल वापिस आयेंगे, उम्मीद है, मांग है उन्हें विशिष्ठ सेवा पदक से अलंकृत किया जाना चाहिए।
फिलहाल आज रात सवा नौ बजे पाकिस्तान ने उन्हें लेकर बाघा बॉर्डर पर लेकर सकुशल आ गए जो हमारे देश के लिए बड़ी खुशखबरी की बात है।







