2 अक्टूबर को विधानसभा रचेगी इतिहास

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री
2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की एक सौ पचासवीं जयंती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही इस दिन को गरिमा के अनुरूप मनाने का संकल्प और आह्वान कर चुके है। स्वछता अभियान की शुरुआत के समय भी उन्होंने एक लक्ष्य निर्धारित किया था। इस दृष्टि से भी यह गांधी जयंती महत्वपूर्ण होगी। इधर उत्तर प्रदेश में भी इसे ऐतिहासिक बनाने का निर्णय किया गया। उत्तर प्रदेश विधानसभा महात्मा गांधी की एक सौ पचासवीं जयन्ती पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकृत समन्वित विकास के लक्ष्यों पर लगातार अड़तालीस घण्टे विचार-विमर्श करेगी। यह लगातार इतने समय तक चलने वाला ऐतिहासिक सत्र होगा। इसके मध्य कोई अवकाश नहीं होगा। विधानसभा के इस विशेष सत्र का निर्णय आज विधान सभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित की अध्यक्षता में सभी दलों के नेताओं द्वारा सर्वसम्मति से विधान भवन में लिया गया।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि महात्मा गांधी जयन्ती के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र संघ के सत्रह सतत् विकास के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए बुलाया गया सत्र अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक होगा। ऐसे सत्र का आयोजन प्रदेश में पहली बार हो रहा है। इसमें गरीबी, कुपोषण, शिक्षा, पर्यावरण आदि सतत् विकास के कार्यक्रमों पर मंथन करने का अवसर प्राप्त होगा। सतत् विकास के लक्ष्यों को वर्ष दो हजार तीस तक पूर्ण करने के लिए समीक्षा हेतु विधान सभा के स्तर पर एक समिति के गठन किये जाने हेतु चर्चा होगी। पटना में सम्पन्न सीपीएकी बैठक में इसके पूर्व में इस बिन्दु पर चर्चा हो चुकी है।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने विषय को विस्तार से रखते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित ‘सस्टेनेबुल डेवलपमेण्ट गोल्स’ ‘समेकित विकास के लक्ष्य’ पर भारत समेत एक सौ सात देशों ने हस्ताक्षर किए थे। उन लक्ष्यों में प्रमुख रूप से गरीबी दूर करना, स्त्री-पुरुष की असमानता को दूर करना, कुपोषण, सबके लिए स्वास्थ्य, सबके लिए ऊर्जा, सबके लिए शिक्षा, पोषण, पेयजल आदि लक्ष्य तय किये गये थे। यह विषय अधिकांश देशों के मुख्य एजेण्डे में है। केन्द्र व प्रदेश सरकार इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हंै।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह वर्ष गांधी जी की एक सौ पचासवीं जयंती का है।
गांधी जी ने इस देश में समाज के सबसे नीचे के पायदान पर स्थित व्यक्ति के जीवन स्तर के उन्नयन का सपना देखा था। गांधी जयंती के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र संघ के सत्रह सतत् विकास के लक्ष्यों पर चर्चा की जाएगी। सभी सदस्यगण प्रदेश सहित अपने-अपने क्षेत्र में सतत् विकास के लक्ष्य के अन्तर्गत गरीबी, पर्यावरण, आर्थिक असमानता, ऊर्जा, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन आदि विषयों पर चर्चा कर सकेंगे। साथ ही, वे अपने बहुमूल्य सुझाव भी देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार ने काफी कुछ किया है और बहुत कुछ किया भी जाना है। इसके बारे में सदन में प्रत्येक क्षेत्र की समस्याएं विधायकों के माध्यम से आ सकेंगी। इस बैठक में मंत्रिगण, दलीय नेता व सभी सदस्यगण अपने विचार रखेंगे। जो सदस्य आज तक नहीं बोले हैं, उन्हें भी सतत् विकास से सम्बन्धित अपने क्षेत्र की समस्याओं के विषय में सदन में विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा देश को नया संदेश देगी। इसकी कार्यवाही की बुकलेट लोकसभा सहित सभी विधान सभाओं को भी प्रेषित की जाएगी।
इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने मुख्यमंत्री जी की भावनाओं के अनुसार सभी दलीय नेताओं से विशेष सत्र के आयोजन में सहयोग करने की अपील की।
बैठक में नेता विरोधी दल श्री राम गोविन्द चैधरी, बहुजन समाज पार्टी के नेता श्री लाल जी वर्मा, कांगे्रस पार्टी के नेता श्री अजय कुमार ‘लल्लू’, अपना दल (सोनेलाल) के नेता श्री नील रतन सिंह पटेल (नीलू) एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता श्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने-अपने विचार प्रकट किए। सभी दलीय नेताओं ने इस विशेष सत्र पर अपनी सहमति व्यक्त करते हुए प्रत्येक प्रकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव श्री प्रदीप कुमार दुबे भी उपस्थित रहे।

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