Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, June 3
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»विदेश»Global NEWS

    हम कितने लोकतांत्रिक?

    By March 3, 2020Updated:March 3, 2020 Global NEWS No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 927

    राहुल कुमार गुप्त

    • यूपी के मिर्जापुर जिले में महिला किसानों पर बर्बतापूर्वक लाठीचार्ज, खड़ी फसलों को दैत्याकार मशीनों ने तहस-नहस किया
    • रेलवे चौड़ीकरण के लिये खाली करा रहे थे भूमि, केवल कुछ दिन शेष थे फसलों को पकने में, बस फसल पकने की माँग कर रहे थे वहाँ के किसान

    राजनीति और संविधान से संबंधित किताबों में देश की व प्रदेश की सरकारों के लोकतांत्रिक होने का वर्णन है, सच में ! पढ़कर अच्छा लगता है। ए.सी. रूम में लेटे हुए हर लुफ्त उठाते हुए लगता है सब कुछ तो अच्छा ही है पूरे देश में। हाँ ! कुछ यही मेंटेल्टी वाले लगभग 10% लोग देश की 90% आबादी पर शासन करते हैं। ये शासन करने वाले लोग जरूर बदलते हैं पर उन्हें मालूम होता है कि पुनः सत्ता में आयेंगे, भले पाँच, दस या पंद्रह साल बाद। किन्तु सबकी कार्यशैली लगभग एक सी ही रहती है। क्या केवल वोट देना और चुनाव होना होना मात्र ही वास्तविक लोकतंत्र है? या लोकतंत्र की एक विस्तृत परिभाषा भी है। सरकार को समय-समय पर लोकतंत्र की अधिकारिक परिभाषा से यहाँ की जनता को आत्मसात कराना चाहिये, जनता के अधिकारों को भी सरकारों को ही समय-समय पर बताते रहना चाहिये। ताकि नौकरशाही और यहाँ का लोकतांत्रिक शासन लालफीताशाही में तब्दील होने से बचता रहे, तानाशाही में तब्दील होने से बचता रहे।

    देश भर में आये दिन आम लोगों के साथ लोकतांत्रिक रवैया की जगह तानाशाही का इस्तेमाल आम बात है। नौकरशाही ज्यादातर प्रधान है और इस नौकरशाही के आगे लोकतंत्र नतमस्तक नजर आता है। यह नौकरशाही भी नेताशाही के आगे नतमस्तक है ! तो देश में वास्तविक रूप से या व्यवहारिक रूप से कौन सी …शाही प्रचलन में है? यह यहाँ की जनता को भी गौर करना चाहिये। अगर यहाँ सुरक्षित रहना है तो अपने अधिकारों के खिलाफ आवाज मत उठाओ। हाँ! कुछ साहसी लोग बहुत कुछ खोकर और सहकर कभी-कभार न्यायालय से न्याय हासिल कर लेते हैं किन्तु सभी में न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की भी हिम्मत नहीं होती।

    जहाँ कई बार बात करने मात्र से बात बन सकती है वहाँ भी सत्ता के मद में दमनकारी नीतियों का ही प्रयोग किया जाता रहा और किया जाता है। बहुत से वाजिब अनशन और आंदोलनों को ऐसी दमनकारी और मानसिक प्रताड़ना वाली नीतियों से दबा दिया जाता है। यूपी में शिक्षामित्रों के साथ, होमगार्डों के साथ, बेरोजगारों के साथ और किसानों और कई व्यक्तिगत लोगों के साथ तो यह सब होता चला आ रहा है। अन्य प्रदेशों में भी कुछ-कुछ ऐसी ही दशा और दिशा है। वो चाहे मध्य प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार द्वारा किसानों पर गोली चलवाने का मामला हो या फिर अन्य और कई मामले जो केवल दमनकारी और तानाशाही नीतियों को ही उजागर करते हैं।

    न्याय की प्रक्रिया व उसकी दर कई मामलों में इतनी मंद है कि लोग इसकी मंद प्रक्रिया से ही हताश हो जाते हैं और अपने अधिकारों का हनन होने देते हैं तथा हर गलत को सहने के लिये मजबूर हो जाते हैं।

    अभी हाल ही का प्रकरण उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले का है।

    यहाँ के अदलहाट इलाके के कुंडाडीह जादवपुर में रेलभूमि पर कब्जा करने के लिए किसानों की खड़ी फसल को दैत्याकार मशीनों से रौंद दिया गया। जिस फसल को उगाने के लिये किसानों ने अपने बच्चों से भी ज्यादा परवरिश की हो उसे अपने आँखों के सामने भला कौन नष्ट होते देख सकता है? अपनी उन्हीं खड़ी फसलों को बचाने के लिए मशीनों के समक्ष लेटकर विरोध कर रहे किसानों पर जमकर लाठियों का और कठोर शब्दों का प्रहार हुआ तथा महिला किसानों पर महिला पुलिसकर्मियों ने बल का प्रयोग किया।

    रविवार को हावड़ा-नई दिल्ली के बीच रेलव डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था ने खड़ी फसल को रौंद कर अधिग्रहीत जमीन पर कब्जा किया। भारी संख्या में मौजूद किसानों ने जेसीबी व पोकलैंड के सामने लेटकर विरोध करने लगे। पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज के चलते महिलाओं सहित कई किसान घायल हो गए।
    कुंडाडीह, जादवपुर गांव के किसानों की जमीन रेलवे चौड़ीकरण में गई है, जिसमें बहुत से किसान मुआवजा प्राप्त कर चुके हैं जबकि कुछ किसानों को मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। किसानों की मांग थी कि खड़ी फसल को न रौंदा जाए और निर्माण कार्य जमीन नाप का काम फसल कटने के बाद किया जाए।

    file photo

    किसानों ने इस संबंध में लगातार प्रशासन से माँग की लेकिन किसानों की एक न सुनी गयी। जैसे ही प्रशासन ने किसानों की फसलों को मशीनों से रौंदना शुरू किया तो गांव की किसान महिलाएं जेसीबी और पोकलैंड के सामने आकर लेट गईं। वह अपनी फसलों को बचाने की गुहार लगाते रहे लेकिन प्रशासन के कान में जूँ तक नहीं रेंगी। ऊपर से इनके ऊपर बर्बतापूर्वक कार्रवाई की गयी।

    जिस पर विपक्ष के नेताओं को भी मुद्दा मिल गया और सरकार के विरोध में विपक्षी नेताओं के ट्वीट आने लगे। किन्तु जब ये खुद सरकार में होते हैं तब इन्हें भी आम समस्यायें या जन भावनायें नज़र क्यूँ नहीं आतीं। जब आंदोलन उग्र हो और गैर वाजिब माँगें हों तब तो ठीक है सरकार हल्का बल प्रयोग कर कानून का शासन स्थापित कर सकती है किन्तु वाजिब माँगों, न्याय की माँग और अपने अधिकारों की माँग को भी बलपूर्वक और बर्बतापूर्वक दबाना कहाँ तक न्यायोचित है? क्या हम सचमुच व्यवहारिक रूप से लोकतांत्रिक देश के निवासी हैं या मात्र लिखित रूप से लोकतांत्रिक देश के निवासी हैं!

    Keep Reading

    US Takes Tough Action in Hormuz: 118 Ships Repelled, 5 Disabled

    होर्मुज में अमेरिका का सख्त एक्शन: 118 जहाज खदेड़े, 5 को किया पंगु

    Lesser-Known Pilgrimage Sites Now on the Tourism Map! UP Government's New Mission

    अल्पज्ञात तीर्थ अब पर्यटन मानचित्र पर! UP सरकार का नया मिशन

    The True Essence of Devotion: A Scripturally Prescribed 'Bada Mangal' Bhandara at Shri Shakti Dham Ashram

    भक्ति का सच्चा स्वरूप: श्री शक्ति धाम आश्रम में शास्त्रोक्त ‘बड़ा मंगल’ भंडारा

    A New Chapter in Mumbai Women's Cricket as Thane Skyrisers Begin Their Journey in Style Thane Skyrisers Make a Strong Start in the W20 League

    ठाणे स्काईराइजर्स का धमाकेदार एंट्री! महिला क्रिकेट में नया तूफान

    Shaurya Pratap and Anayika Crowned Badminton Champions!

    शौर्य प्रताप और अनायिका बने बैडमिंटन चैंपियन!

    Anil Bhushan Chaturvedi Assumes Charge as Acting Director of Basic Education

    अनिल भूषण चतुर्वेदी ने संभाली प्रभारी शिक्षा निदेशक बेसिक की जिम्मेदारी

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    US Takes Tough Action in Hormuz: 118 Ships Repelled, 5 Disabled

    होर्मुज में अमेरिका का सख्त एक्शन: 118 जहाज खदेड़े, 5 को किया पंगु

    June 3, 2026
    An Exemplar of Tolerance: The Unique Encounter Between Saint Dadu and the Daroga

    सहनशीलता की मिसाल: संत और दरोगा की अनोखी मुलाकात

    June 3, 2026
    Lesser-Known Pilgrimage Sites Now on the Tourism Map! UP Government's New Mission

    अल्पज्ञात तीर्थ अब पर्यटन मानचित्र पर! UP सरकार का नया मिशन

    June 2, 2026
    The True Essence of Devotion: A Scripturally Prescribed 'Bada Mangal' Bhandara at Shri Shakti Dham Ashram

    भक्ति का सच्चा स्वरूप: श्री शक्ति धाम आश्रम में शास्त्रोक्त ‘बड़ा मंगल’ भंडारा

    June 2, 2026
    A New Chapter in Mumbai Women's Cricket as Thane Skyrisers Begin Their Journey in Style Thane Skyrisers Make a Strong Start in the W20 League

    ठाणे स्काईराइजर्स का धमाकेदार एंट्री! महिला क्रिकेट में नया तूफान

    June 2, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading