ऊटी तमिलनाडु राज्य का एक शहर है। कर्नाटक एवं तमिलनाडु की सीमा पर स्थापित यह शहर मुख्य रूप से एक पर्वतीय स्थल (हिल स्टेशन) के रूप में जाना जाता है। इसे उधगमंडलम भी कहा जाता है। ऊटी हनीमून के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। इसे पहाड़ों की रानी कहा जाता है। कोयंबटूर यहां का निकटतम हवाई अड्डा है। सड़कों द्वारा यह तमिलनाडु और कर्नाटक के अन्य हिस्सों से भी जुड़ा है, परन्तु यहां आने के लिये कन्नूर से रेलगाड़ी या ट्वाय ट्रेन द्वारा यात्रा की जाती है।
यह तमिलनाडु प्रान्त में नीलगिरी की पहाड़ियों में बसा हुआ एक अत्यंत लोकप्रिय पर्वतीय स्थल है। उधगमंडलम शहर का नया आधिकारिक नाम तमिल है। ऊटी समुद्र तल से लगभग 7440 फीट (2268 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है। ऊटी को ‘हिल स्टेशन की रानी’ भी कहा जाता है। रोमेंटिक होने के साथ-साथ प्राचीन समुद्र तटों, हिल स्टेशनों और शानदार वन्य जीवन का सजीव प्रतीक दक्षिण भारत यात्रा करने के लिए एक आदर्श जगह है। सभी रोमांच प्रेमियों के अलावा प्रकृति प्रेमियों के लिए भी ऊटी सबसे अच्छे स्थानों में से एक है।
पर्यटन का आकर्षण:
1- बॉटनिकल गार्डन :
यहां के दर्शनीय स्थलों में सबसे पहला नाम बॉटनिकल गार्डन का आता है। यह गार्डन 22 एकड़ में फैला हुआ है और यहां पर लगभग 650 दुर्लभ किस्म के पेड़-पौधों के साथ-साथ, अद्भुत ऑर्किड, रंगबिरंगे लिली के फूल, ख़ूबसूरत झाड़ियां व 2000 हज़ार साल पुराने पेड़ के अवशेष देखे जा सकते हैं। वनस्पति विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह एक अति महत्वपूर्ण स्थान है। इस वनस्पति उद्यान की स्थापना सन 1847 में की गई थी। 22 हेक्टेयर में फैले इस ख़ूबसूरत बाग़ की देखरख बाग़वानी विभाग करता है। यहां एक पेड़ के जीवाश्म संभाल कर रखे गए हैं। जिसके बारे में ऐसा माना जाता है कि यह बिसलाख वर्ष पुराना है। प्रकृति प्रेमियों के बीच यह गार्डन बहुत लोकप्रिय है। मई के महीने में यहां ग्रीष्मोत्सव मनाया जाता है। इस महोत्सव में फूलों की प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें स्थानीय प्रसिद्ध कलाकार भाग लेते हैं।

2- ऊटी झील
ऊटी झील को देखना अपने आप में एक अनोखा अवं रोमांचित कर देने वाला अनुभव है। झील के चारों ओर फूलों की क्यारियों में तरह-तरह के रंगबिरंगे फूल यहां की ख़ूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। झील में मोटर बोट, पैडल बोट और रो बोट्स में बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है। इस झील का निर्माण यहां के पहले कलेक्टर जॉन सुविलिअन ने सन् 1825 में करवाया था। यह झील 2.5 किमी. लंबी है। यहां आने वाले पर्यटक बोटिंग एवं मछली पकड़ने का आनंद लिए जाने वाला स्थान हैं। मछलियों के लिए चारा खरीदने से पहले आपके पास मछली पकड़ने की अनुमति होनी चाहिए। यहां एक बग़ीचा और जेट्टी भी है। इन्हीं विशेषताओं के कारण हर साल 12 लाख से भी अधिक दर्शक यहां आते हैं।

3- डोडाबेट्टा
डोडाबेट्टा ऊटी से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित है। यह नीलगिरी का सबसे ऊंचा पर्वत श्रृंखला है। इसकी ऊंचाई 2,636 मीटर है। यहां से संपूर्ण इलाक़े का विहंगम दृश्य देखा जा सकता है। यह चोटी समुद्र तल से 2623 मीटर ऊपर है। यह इस ज़िले की सबसे ऊंची चोटी मानी जाती है। यह चोटी ऊटी से केवल 10 किमी दूर है इसलिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां से घाटी का नज़ारा अद्भुत दिखाई पड़ता है। अनेक पर्यटकों का कथन है कि जब मौसम साफ़ होता है उस समय यहां से दूर के इलाक़े भी दिखाई देते हैं जिनमें कायंबटूर के मैदानी इलाक़े भी शामिल हैं।
4-कालहट्टी
कालहट्टी जलप्रपात ऊटी का एक ख़ूबसूरत दर्शनीय स्थल है। यह जलप्रपात लगभग 100 फुट ऊंचा है। यहां का सौंदर्य देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। यहां अनेक प्रकार के पर्वतीय पक्षी भी देखे जा सकते हैं। कालपट्टी के किनारे स्थित यह झरना 100 फीट ऊंचा है। यह वॉटरफॉल्स ऊटी से केवल 13 किमी. की दूरी पर है। इसलिए ऊटी आने वाले पर्यटक यहां की सुंदरता को निहारने अवश्य यहाँ आते हैं। झरने के अलावा कलहट्टी-मसिनागुडी की ढलानों पर जानवरों की अनेक प्रजातियां भी देखी जा सकती हैं, जिसमें चीते, सांभर और जंगली भैसा जैसे वन्य पशु शामिल है।

5- कोटागिरी पर्वत
यह पर्वत ऊटी से 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कोटागिरी पर्वत प्राकृतिक सुंदरता से पूर्ण एक दर्शनीय स्थल है। यहां के चाय बाग़ानों को देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते हैं। नीलगिरी के तीन हिल स्टेशनों में से यह सबसे पुराना है। यह ऊटी और कून्नूकी तरह प्रसिद्ध नहीं है, लेकिन यह माना जाता है कि इन दोनों की अपेक्षा कोटागिरी का मौसम ज़्यादा सुहावना होता है। यहां बहुत ही सुंदर हिल रिजॉर्ट हैं, जहां चाय के बहुत खूबसूरत बाग़ान हैं। हिल स्टेशन की सभी खूबियां यहां मौजूद हैं। यहां की यात्रा आपको अत्यंत सुखद लगेगी।
यहाँ कैसे पहुंचे
ऊटी जाने के लिए मेट्टुपलायम स्टेशन एक छोटी लाइन से जुड़ा हुआ है जो ट्रेनों के लिए मुख्य लाइन के अंतिम स्टेशन के रूप में कार्य करती है। ऊटी का निकटतम हवाई अड्डा कोयंबटूर है। जो कि 100 किलोमीटर दूर है। राज्य राजमार्ग 17 से मड्डुर एवं मैसूर होते हुए बांदीपुर पहुंचा जा सकता है। यह आपको मदुमलाई रिजर्व तक पहुंचायेेगा। यहां से ऊटी केवल 67 किमी दूर है। आप चेन्नई, कोजीकोडे, बंगलोर और मुंबई से कोयंबटूर के लिए सीधी उड़ान भर सकते हैं। डेक्कन पार्क रिजॉर्ट, होटल वेलबैक रेजीडेंसी, होटल लेक व्यू, होटल ऊटी आदि जगह आप ठहर सकते हैं।
संकलन: जी के चक्रवर्ती







