न्यू लवर्स व न्यू कमर्स की पहली पसंद है ताजमहल
उत्तर प्रदेश में बहने वाली यमुना नदी के तट पर स्थित आगरा शहर मुखतः अपने ऐतिहासिक स्मारकों के लिए प्रसिद्ध है। जिसमे सबसे प्रमुख आगरा का ताज महल है। आगरा में सन् 1506 में सिकंदर लोधी ने मुगल साम्राज्य की स्थापना किया था। मुगलों के शासन काल के दौरान एक अत्यंत सुंदर स्मारक स्थापित किया गया था जिसे देखने के लिए दुनियां के विभिन स्थानों से लोग पर्यटक के रूप में आगरा के ताज को देखने के लिए आते रहते हैं।
आगरा की हस्तशिल्प द्वारा निर्मित वस्तुएं देश ही नही बल्कि विदेशो तक मे बहुत प्रसिद्ध है। इस इमारत के संगमरमर पत्थरों पर सुंदर आकृतियाँ उकेरी गई हैं। गहने, तोहफे जैसे बहुमूल्य वस्तुओं को सुरक्षित रखने के लिए कुछ विशेष प्रकार के बक्से भी बनाए जाते हैं। यहाँ के जरदोजी से बनाए गए कपड़े पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते है इसीलिए यह नार्थ इंडिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थानों में से एक है यहाँ पर आने वाले पर्यटकों के मध्य यह स्थान बहुत ही लोकप्रिय हैं। यहां के किनारी बाजार, राजा-की-मंडी में विभिन्न प्रकार की आकर्षक और मनोहारी वस्तुएं देखने को मिल जायेगी।
यहाँ की बनी मिठाइयों में पेठे एवं गजक बहुत प्रसिद्ध हैं एवं यहां की बनी तिल एवं गुड़ से तैयार की गई मिठाइयाँ भी बहुत स्वादिष्ट होती हैं।
यदि वास्तव में देखा जाये तो आगरा दिल्ली से 200 किलोमीटर की दूरी पर स्तिथ है। यह उत्तर प्रदेश की एकलौता ऐसा शहर है जो ताज महल के कारण भारत मे ही नही वल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। दूर-दूर से पर्यटक विशेषतः ताज-महल देखने के लिए यहां पर आते रहते हैं।
वाह ताज! आप सचमुच प्रेम के प्रतीक हो !
यूपी के आगरा का ताजमहल भारत मे ही नही वल्कि पूरी दुनिया की सबसे सुंदर इमारतों में प्रसिद्द है। इस सुन्दर एवं अच्श्चर्य चकित कर देने वाली प्यार की इमारत को पूरी दुनिया का एकमात्र अजूबा माना गया है। सफेद संगमरमर से बने इस इमारत को बनाने में 20 हजार मजदूरों एवं 32 कारीगरों नें मिलकर 22 वर्षों तक के अधिक समय में इसे तैयार किया। यह इमारत मुगल के शाहशाह शाहजहां ने इसे अपनी बेगम की याद में बनवाया था।

आगरा फोर्ट:
यह इमारत मुगल साम्राज्य का एक शाही किला है। वर्त्तमान समय में इसे आगरे का किला भी कहा जाता है। यह ताज-महल से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्तिथ है। ईंटों द्वारा निर्मित इस किले की सुंदरता बस निहारते ही बनती है।
इटिमाद-उद-दौलह की कब्र:
इस जगह पर मुगल शासन कालीन बादशाहों की कब्रें हैं। यहां पर कई मुगल शासकों के मकबरे बने है। इन कब्रों को ताज महल में प्रयोग की गई सफेद संगमरमर से मोतीबाग में बनाया गया है इसलिए इसे छोटा ताज-महल कहा जाता हैं।
पंच महल:
यह महल पांच मंजिलों की एक खूबसूरत इमारत है जिसे राजा अकबर ने अपनी प्रसन्ता के लिए बनवाया था। इस महल को वे अपने आराम एवं मनोरजंन के लिए इस्तेमाल किया करते थे। महल की प्रत्येक मजिंल आकार में अपने नीचे वाली मंजिल से छोटी होती चली गई। यह इमारत देखने में बहुत ही सुंदर और यह आगरा के फतेहपुर सिकरी में स्थित है।
अकबर का मकबरा:
इस मकबरे को अकबर ने सन 1600 में बनवाना शुरू किया था। लाल इंटों से निर्मित इस मकबरे को बनवाने में बहुत वर्ष लगे। इस मकबरे के चारों तरफ सुंदर फूलों का बगीचा है। इस मकबरे के निर्माण के दौरान जब अकबर की मौत हो गई तो उनके पुत्र जहांगीर ने उनकी शव को इसी मकबरे में दफना दिया। इस मकबरे का ऊपरी भाग सफेद संगमरमर पत्थर का बना है।
मेहताब बाग:
मेहताब बाग यमुना नदी के बांयी ओर एवं ताज महल के ठीक विपरीत दिशा में स्थित है। इसे चाँदनी बाग भी कहा जाता हैं। इस बाग का निर्माण मुगल बादशाह ने किया था। पेड़-पौधों के साथ ही साथ तरह-तरह के सुंदर फूलों से ढका प्रकृतिक छठाएं विखेरता यह बगीचा अत्यंत सुंदर है। वर्ष 1995 में वन-विभाग ने इस बाग में 25 फव्वारे के साथ बीच में छोटा-सा तालाब बनवाया था।
आगरा पहुचने के लिए रेल मार्ग के अतिरिक्त ट्रेन द्वारा भी आगरा पहुंच सकते है इस शहर में सात रेलवे स्टेशने हैं। इन स्टेशनों इसमें टुंडला जंक्शन सम्मलित नहीं है। इन सातों रेलवे स्टेशनों में से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन आगरा राजा की मंडी स्टेशन एवं आगरा फोर्ट स्टेशन प्रमुख है। लगभग सभी प्रमुख ट्रेनें यहां पर रुकती है जिनमें शताब्दी एवं राजधानी जैसे ट्रेनों के अलावा लक्जरी ट्रेन ‘पैलेस ऑन व्हील’ ट्रेन भी शामिल है। आगरा शहर टुंडला स्टेशन के अलावा सड़क मार्गों से भी पहुंचा जा सकता है
रेलवे ने आफर किया टूर पैकेज
अगर आप परिवार के साथ आगरा जाकर ताजमहल देखना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। अब आप महज दो हजार रुपए में ताजमहल का दीदार कर सकते हैं। दरअसल इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म डिपार्टमेंट (आईआरसीटीसी) आगरा के लिए एक दिन का विशेष टूर पैकेज दे रहा है। इस पैकेज का नाम ‘फुल डे आगरा गाइडेड टूर’ रखा गया है। इस ट्रिप पर पहुंचने के लिए आपको आगरा कैंट तक पहुंचना होगा, क्योंकि इस पैकेज के तहत आपके सफर की शुरुआत आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से होगी और अंत भी यहीं होगा। इस पैकेज में ट्रेन टिकट शामिल नहीं होगा। इसके लिए आपको अलग से खर्च करना होगा। आईआरसीटीसी के मुताबिक यह ऑफर पांच मई से लेकर चार जनवरी 2019 तक है। यह पैकेज शुक्रवार के अलावा हर रोज उपलब्ध होगा। इस सफर पर आपको अपने साथ अपनी पहचान के लिए वोटर आईडी या कोई दूसरा पहचान पत्र ले जाना होगा।







