कमलेश तिवारी हत्याकांड : अभी तक की जांच में किसी आतंकी संगठन का कनेक्शन नहींः डीजीपी

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लखनऊ, 19 अक्टूबर 2019: हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड में तीन आरोपितों को हिरासत में लेने का दावा किया गया है। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यूपी पुलिस ने गुजरात एटीएस की मदद से कमलेश तिवारी हत्याकांड में अहम सुराग हासिल किए हैं। अभी तक की तफ्तीश में सामने आया है कि 2015 में विवादित बयान के कारण कमलेश तिवारी की हत्या की गई है। मगर किसी आतंकी संगठन की भूमिका सामने नहीं आई है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में गुजरात से तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि दो और हिरासत में लिए गए संदिग्धों को पुलिस ने छोड़ दिया है। हिरासत में लिए गए तीन संदिग्धों की कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं है। जिन दो मुख्य अभियुक्तों ने लखनऊ में वारदात को अंजाम दिया है, वह पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, पुलिस उनकी धड़पकड़ की कोशिश में लगी हुई है।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि हत्या के बाद से ही यह आशंका थी कि इसके तार गुजरात से जुड़े हैं। हमने कमलेश तिवारी के घर पर मिले मिठाई के डिब्बे के आधार पर गुजरात पुलिस से संपर्क किया। स्थानीय पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को बारिकियों से देखा और उसका विश्लेषण किया। घटना की तफ्तीश के दौरान पता चला कि इस घटना को बहुत ही चालाकी से अंजाम दिया गया।

उन्होंने बताया कि गुजरात एटीएस और यूपी पुलिस की टीम ने इस मामले में पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया लेकिन दो को छोड़ दिया गया। छोड़े गए लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों से कड़ाई के साथ पूछताछ की जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों में सूरत में साड़ी की दुकान में काम करने वाले मोसिन सलीम शेख, जूते की दुकान में काम करने वाला फैजान और दर्जी रशीद अहमद शामिल हैं। तीनों से पूछताछ की जा रही है। रशीद अहमद को कम्प्यूटर का भी ज्ञान है। 2015 में कमलेश ने कुछ आपत्तिजनक बात कही थी। इसी को लेकर मौलाना सलीम शेख ने रशीद को उकसाया। फैजान वारदात को लेकर मिठाई खरीदने में शामिल रहा।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इन सभी के बयानों का हम व्यापक विश्लेषण करने जा रहे हैं। इनके अलावा हिरासत में लेने के बाद छोड़े गए दो अन्य में राशिद का भाई और गौरव तिवारी है। गौरव ने हिंदू समाज पार्टी में शामिल होने की इच्छा जाहिर करते हुए कमलेश तिवारी को फोन किए थे। पुलिस इन पर भी नजर बनाए हुए हैं।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि अब तक कि जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्ध कमलेश की हत्या में शामिल रहे हैं। उनसे पूछताछ चल रही है। जरूरत हुई तो उन्हें रिमांड में लेकर यूपी लाया जाएगा। इसके अलावा षड्यंत्रकारी के रूप में मौलाना अनवारूल हक और मौलाना मुफ्ती मोहम्मद काजिमी को हिरासत में लिया है।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि हम गुजरात पुलिस के साथ संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। अभी तक किसी आतंकवादी का नाम सामने नहीं आया है। हत्याकांड का पूरा खुलासा जल्द ही कर दिया जाएगा।

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