तिलकामांझी के शहादत दिवस पर किसान आंदोलन की एकजुटता में प्रदर्शन

0
22

भागलपुर, 13 जनवरी, 2021: बहुजन नायक तिलकामांझी के शहादत दिवस पर आज बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन(बिहार) ने शहीद तिलकामांझी को श्रद्धांजलि देने के साथ किसानों के आंदोलन की एकजुटता में प्रतिवाद-प्रदर्शन का कार्यक्रम किया. सबसे पहले तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय कार्यालय परिसर में अवस्थित शहीद तिलकामांझी की प्रतिमा पर बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन(बिहार) द्वारा माल्यार्पण व श्रद्धांजलि का कार्यक्रम किया गया और तिलकामांझी की विरासत को बुलंद करने का संकल्प लिया गया.

माल्यार्पण व श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन के कार्यकर्ताओं के साथ बुद्धिजीवियों व राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया.

इस मौके पर बहुजन बुद्धिजीवी डॉ. विलक्षण रविदास ने कहा कि आज भारत और भागलपुर-संथाल परगना प्रक्षेत्र के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी, महान् क्रान्तिकारी किसान नेता एवं महान मूलनिवासी बहुजन नायक अमर शहीद तिलकामांझी का 236वां शहादत दिवस है. इस अवसर पर हमें अपने 35 वर्षीय अमर युवा शहीद के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए उनकी जुझारु-लड़ाकू विरासत को बुलंद करने और फिर से देशी-विदेशी पूंजीपति व उसके दलालों से देश को बचाने के लिए निर्णायक जंग लड़ने का संकल्प लेना है.

इस मौके पर डॉ.योगेन्द्र ने कहा कि शहीद तिलकामांझी ने मात्र 29 वर्ष की आयु में 1779 में अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कम्पनी की 10 वर्षीय कृषि ठेकेदारी की आर्थिक लूट की व्यवस्था व फूट डालो- राज करो की नीति, आदिवासियों एवं किसानों का किए जा रहे सूदखोरी -महाजनी शोषण, पहाड़िया-संथाल जनजातियों के विद्रोहों-आन्दोलनों को कुचलने की दमनकारी नीतियों-कार्यों के खिलाफ मूलनिवासी किसानों को संगठित कर विद्रोह का बिगुल बजा दिया था. शहीद तिलकामांझी के वारिसों को आज खेत-खेती पर देशी-विदेशी पूंजीपतियों के कब्जे के लिए बनाये गये तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहे किसानों के साथ ताकत के साथ खड़ा होने की जरूरत है.

माल्यार्पण व प्रतिवाद प्रदर्शन में शामिल थे-साजन, अंगद, ऋषि राज, अभिषेक आनंद, आदित्य राज, नंदलाल, विभूति, विनय, राजेश रोशन, रणवीर, रोहित, रघुनंदन,सुशील,अंगद, साजन, डेविड, लालू , दीपक, कमल आदि लोग शामिल रहे ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here