एक कहावत तो आपने सुनी होगी चमत्कार को नमस्कार। ठीक वैसे ही भारत में भी एक ऐसा मंदिर हैं जिसमें देवी माता के चमत्कार से तेल से नहीं पानी से जलती है ज्योति। अभी तक तेल से दिए तो बहुत देखें होंगे। लेकिन क्या आपने पानी से दीए को जलते देखा है। जी हां, एक ऐसा मंदिर भी जहां पानी से दीया जलता है।
यह कोई कहानी नहीं है। यह अकीकत है। गाड़ियाघाट वाली माताजी के नाम से विख्यात यह मंदिर कालीसिंध नदी के किनारे नलखेड़ा गांव से लगभग 15 किलोमीटर दूर गाड़िया गांव के पस स्थित है। माता के इस मंदिर में ऐसा ही चमत्कार देखने को मिला। जिसमें दीया पानी से जलताह ै।
कालीसिंध नदी के किनारे स्थित माता के इस मंदिर में होने वाले चमत्कार को देखकर किसी भी व्यक्ति का सिर अपने आप ही श्रद्धाभाव से झुक जाएगा। मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले पुजारी सिद्धूसिंह जी के अनुसार पहले मां का दरबार में अमेशा तेल का दीपक जला करता था।
लेकिन बहुत समय पहले मंदिर के पुजारी को स्वप्न में पानी से दीया जलाने को कहां, तब से इस मंदिर में दीए को पानी से ही जलाया जाता है। माता के इसी चमत्कार को देखने के लिए आज लोग दूर-दूर से आते हैं और मां के चरणों में शीश नवाते हैं।







